चंदौली के मुगलसराय के कैलाशपुरी में चल रहे फर्जी साइबर कॉल सेंटर का पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी जापान के नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट देने के नाम पर ठगी करते थे। आरोपियों के दो बैंक खातों में जमा करीब 9 लाख रुपए को फ्रीज करा दिया गया है। मुखबिर की सूचना पर कॉल सेंटर में छापा पुलिस को मुखबिर से कैलाशपुरी में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्वाट, सर्विलांस, साइबर टीम और मुगलसराय पुलिस ने संयुक्त रूप से मौके पर छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर में कंप्यूटर स्क्रीन पर विदेशी भाषा में लाइव कॉलिंग चल रही थी। आरोपी जापानी नागरिकों से बातचीत कर उन्हें अपने झांसे में लेते थे। मौके से कई कंप्यूटर उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए गए। टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर करते थे ठगी पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ बताकर जापानी नागरिकों को फोन करते थे। वे कंप्यूटर में खराबी होने का झांसा देकर उन्हें डराते और समस्या दूर करने के नाम पर रिमोट एक्सेस लेते थे। इसके बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों से बैंकिंग ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई। बिहार के रहने वाले हैं पांचों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौनक सिंह (32), रोशन कुमार (21), अमन कुमार (23), अंकित कुमार (25) और विकास वैभव (25) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। रौनक सिंह कॉल सेंटर में मैनेजर की भूमिका में था। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, कंप्यूटर उपकरण और फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। दो बैंक खातों में जमा 9 लाख रुपए फ्रीज पुलिस ने आरोपियों से जुड़े दो बैंक खातों में जमा करीब 9 लाख रुपए फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि ठगी से जुड़े अन्य लोगों और रकम का पता लगाया जा सके। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के मुख्य संचालक की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कॉल सेंटर से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

