जींद में पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार, कानूनगो व हलका पटवारी के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। तीनों पर रजाना खुर्द की जमीन के इंतकाल का केस कमीश्नर व एसडीएम कोर्ट में लंबित रहते व स्टे होते हुए तीन भाईयों में से एक के नाम रोड के साथ लगती तीन एकड़ जमीन का इंतकाल एक वयक्ति के नाम दर्ज करने का आरोप है। 25 सितंबर को खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की अध्यक्षता में हुई ग्रीवेंस की मीटिंग में यह मामला छाया रहा था। मंत्री ने तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसके बाद इक्नोमिक्स सेल की जांच के बाद पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार रणबीर, कानूनगो सुरेश व हलका पटवारी रविदत्त के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मीटिंग में स्वीकारी थी गलती मामले की सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मंत्री के सामने इस मामले में अपनी गलती स्वीकार की थी। विभागीय अधिकारी मंत्री और शिकायकर्ता के सवालों का जवाब नहीं दे पाए थे। अधिकारियों के गलती स्वीकारने के बाद मंत्री ने इससे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के आदेश दिए थे। जानिए क्या लगाए थे आरोप गांव रजाना खुर्द निवासी लाभ सिंह ने ग्रीवेंस में शिकायत दी। जिसमें आरोप लगाया कि उनकी गांव में 33 एकड़ जमीन में तीन हिस्सेंदार हैं। हमारे इंतकाल का केस एसडीएम सफीदों और कमीश्नर हिसार की कोर्ट में लंबित है। इंतकाल दर्ज करने को लेकर कमीश्नर कोर्ट ने स्टे दिया हुआ है। कमीश्नर कोर्ट में 4 नंवबर व एसडीएम कोर्ट में 11 नवंबर को आगली सुनवाई है। इसके बावजूद 9 जुलाई 2025 को इंतकाल कर दिया। जिसमें जींद- सफीदों मार्ग से लगती 3 एकड़ प्राइम लैंड बादल सिंह के नाम कर दी। फोटो से जानिए कब क्या हुआ जानिए क्या है पूरा मामला गांव रजाना खुर्द में तीन भाईयों की 33 एकड़ (करीब 250 मरला) जमीन है। जिसे बादल सिंह, कर्ण सिंह व दलबीर तीन भाई है। जिसकी खेवट व खाता नंबर अगल हो गई। भतीजे लाभ सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए केस डाल दिया। जिस पर कमीश्नर कोर्ट ने स्टे कर दिया। एसडीएम और कोर्ट केस लंबित होने के बावजूद 9 जुलाई को जींद- सफीदों रोड के साथ लगती तीन एकड़ प्राइम लैंड का इंतकाल बादल सिंह के नाम दर्ज कर दिया। जिसकी पटवारी ने ऑनलाइन रिकार्ड में एंट्री भी कर दी। जमीन की खेवट नंबर 285 थी। 2024-25 में इसकी दो खेवट 319 व 320 बना दी। 319 नंबर खवेट मेरे ताऊ बादल सिंह व 320 मेरे पिता कर्ण सिंह के नाम से बनी। निष्पक्ष जांच को करें सस्पेंड शिकायतकर्ता लाभ सिंह ने केस दर्ज होने पर कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में बड़ा खेल हुआ है। मामले की अब निष्पक्ष जांच के लिए तीनों आरोपियों को सस्पेंड किया जाए, जिससे अपने पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित नहीं कर पाए।

