जहानाबाद में ऐलकम कंपनी के मालिक स्वर्गीय संपदा बाबू की 101वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार ने टाउन हॉल में किया। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने इसका उद्घाटन किया। मंत्री अशोक चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि संपदा बाबू हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक हैं। उन्होंने एक छोटे से गांव में जन्म लेकर इतनी बड़ी सफलता हासिल की, जिससे आज की युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने यह स्थापित किया कि गरीबी विकास में बाधा नहीं बन सकती। पूर्व सांसद अरुण कुमार ने बताया कि संपदा बाबू एक किसान थे। ”मेहनत, लगन और जुनून से कोई भी मुकाम किया जा सकता है हासिल” उन्होंने अपने जीवन की यात्रा खेती-बाड़ी से शुरू की और कड़ी मेहनत से बड़े मुकाम हासिल किए। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने अंबानी परिवार को भी पीछे छोड़ दिया था। आज लाखों परिवारों को उनके कारण रोजगार मिला हुआ है। अरुण कुमार ने आगे कहा कि पूंजी बड़ी नहीं होती, बल्कि मेहनत, लगन और जुनून से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से आज की युवा पीढ़ी को संपदा बाबू से प्रेरणा लेने और आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुंबई जैसे शहर में, जहां फिल्मी जगत की बड़ी हस्तियां रहती हैं, वहां भी संपदा बाबू ने अपनी संस्कृति और जहानाबाद की मिट्टी को नहीं भूला। ऐसे महान विभूतियों को हमें नमन करना चाहिए। जहानाबाद में ऐलकम कंपनी के मालिक स्वर्गीय संपदा बाबू की 101वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार ने टाउन हॉल में किया। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने इसका उद्घाटन किया। मंत्री अशोक चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि संपदा बाबू हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक हैं। उन्होंने एक छोटे से गांव में जन्म लेकर इतनी बड़ी सफलता हासिल की, जिससे आज की युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने यह स्थापित किया कि गरीबी विकास में बाधा नहीं बन सकती। पूर्व सांसद अरुण कुमार ने बताया कि संपदा बाबू एक किसान थे। ”मेहनत, लगन और जुनून से कोई भी मुकाम किया जा सकता है हासिल” उन्होंने अपने जीवन की यात्रा खेती-बाड़ी से शुरू की और कड़ी मेहनत से बड़े मुकाम हासिल किए। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने अंबानी परिवार को भी पीछे छोड़ दिया था। आज लाखों परिवारों को उनके कारण रोजगार मिला हुआ है। अरुण कुमार ने आगे कहा कि पूंजी बड़ी नहीं होती, बल्कि मेहनत, लगन और जुनून से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से आज की युवा पीढ़ी को संपदा बाबू से प्रेरणा लेने और आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुंबई जैसे शहर में, जहां फिल्मी जगत की बड़ी हस्तियां रहती हैं, वहां भी संपदा बाबू ने अपनी संस्कृति और जहानाबाद की मिट्टी को नहीं भूला। ऐसे महान विभूतियों को हमें नमन करना चाहिए।

