क्या आपको पता है कि 84% भारतीय सुबह उठते ही पहला काम क्या करते हैं? वो अपना मोबाइल फोन चेक करते हैं। ये डेटा है, ‘ग्लांस डिजिटल कंज्यूमर सर्वे,‘ 2024 का। लेकिन क्या आप ये भी जानते हैं कि फोन नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और ईमेल जैसी चीजों से दिन की शुरुआत करने का आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है? रिसर्च कहती है कि यह आदत फोकस, स्ट्रेस, मूड और ब्रेन फंक्शनिंग को प्रभावित करती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में सुबह उठते ही फोन देखने के नुकसान पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट– डॉ. पूजा कुशवाह, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, मेट्रो ग्रूप ऑफ हॉस्पिटल्स, नोएडा सवाल- सुबह जागने के बाद हमारे ब्रेन और शरीर में कौन-से बदलाव होते हैं? जवाब- सुबह उठने के तुरंत बाद शरीर कई बायोलॉजिकल प्रोसेस से गुजरता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या जागने के तुरंत बाद ब्रेन पूरी तरह एक्टिव नहीं होता? जवाब- नहीं, इस स्थिति को ‘स्लीप इनर्शिया’ कहते हैं। यह जागने के बाद का एक अस्थायी ट्रांजिशन फेज है, जो कुछ मिनटों से लेकर 30-60 मिनट तक रह सकता है। सवाल- ब्रेन को पूरी तरह एक्टिव होने में कितना समय लगता है? जवाब- यह हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। इसे पॉइंटर्स से समझिए– सवाल- इस दौरान सोचने और निर्णय लेने की क्षमता पर क्या असर पड़ता है? जवाब- इस दौरान ब्रेन का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स पूरी तरह एक्टिव नहीं होता। यह ब्रेन का वो हिस्सा है, जो तर्क करने, निर्णय लेने, योजना बनाने और फोकस बनाए रखने का काम करता है। इस वजह से- सवाल- सुबह उठते ही फोन देखने से ब्रेन पर क्या असर पड़ता है? जवाब- सुबह जागने के तुरंत बाद ब्रेन स्लीप इनर्शिया से बाहर निकल रहा होता है। ऐसे में फोन पर नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया या ईमेल देखने से ब्रेन को अचानक बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन लोड प्रोसेस करना पड़ता है। इसके कारण- सवाल- क्या जागते ही फोन देखने से फोकस क्षमता कम हो सकती है? जवाब- हां, ऐसा हो सकता है। इससे ब्रेन को कई तरह की जानकारियां एक साथ मिलती हैं। इससे ध्यान बार-बार एक चीज से दूसरी चीज पर शिफ्ट होता है। इसे ‘अटेंशन स्विचिंग’ कहते हैं। इससे- सवाल- सुबह सोशल मीडिया देखने से डोपामिन पर क्या असर पड़ता है? जवाब- सोशल मीडिया पर नए पोस्ट, लाइक, मैसेज, रील्स और नोटिफिकेशन जैसे वैरिएबल रिवॉर्ड बार-बार मिलते हैं। इन्हें देखकर ब्रेन के रिवॉर्ड सिस्टम में डोपामिन की एक्टिविटी बढ़ सकती है। इससे ब्रेन तुरंत मिलने वाले रिवॉर्ड (इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन) का आदी होने लगता है। इस कारण उन कामों में रुचि बनाए रखना भारी लग सकता है, जिनमें तुरंत रिवॉर्ड नहीं मिलता, जैसेकि पढ़ाई, ऑफिस के काम या घर–बाहर के दूसरे जरूरी काम। सवाल- सुबह उठते ही फोन देखने लगना मूड को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- दिन का पहला इमोशनल रिस्पॉन्स अक्सर इस बात से तय होता है कि स्क्रीन पर क्या दिखता है। सवाल- मॉर्निंग एंग्जाइटी क्या है? क्या सुबह फोन देखने से मॉर्निंग एंग्जाइटी बढ़ सकती है? जवाब- इसे ऐसे समझें– सवाल- स्लीप डेप्ट क्या है और यह कैसे बनता है? जवाब- स्लीप डेप्ट यानी शरीर में नींद की कमी का जमा होना। जब कोई व्यक्ति कई दिनों तक अपनी जरूरत से कम सोता है, तो हर दिन की अधूरी नींद जुड़ती जाती है। इसे ही स्लीप डेप्ट कहते हैं। उदाहरण के लिए- एक स्वस्थ व्यक्ति को डेली 8 घंटे नींद की जरूरत होती है। अगर कोई व्यक्ति लगातार 5 दिनों तक सिर्फ 6 घंटे ही सोता है, तो उसके ऊपर करीब 10 घंटे की स्लीप डेप्ट जमा हो जाता है। ये कैसे बनता है, पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सुबह फोन देखने से ब्रेन फॉग बढ़ सकता है? जवाब- अगर नींद पूरी नहीं हुई हो और जागते ही लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं तो कुछ लोगों में मेंटल क्लैरिटी आने में ज्यादा समय लग सकता है और ब्रेन फॉग बढ़ सकता है। हालांकि, ब्रेन फॉग के लिए ये कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं– सवाल- कैसे पता चलेगा कि सुबह फोन देखने की आदत अब लत में बदल रही है? जवाब- अगर यह आदत बिहेवियर और रूटीन को कंट्रोल करने लगे तो यह प्रॉब्लमैटिक फोन यूज का संकेत है। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- जागने के बाद कितनी देर तक फोन नहीं देखना चाहिए? जवाब- स्लीप और बिहेवियरल हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जागने के बाद कम-से-कम 15–30 मिनट तक सोशल मीडिया, ईमेल और गैर-जरूरी नोटिफिकेशन से दूर रहें। इस दौरान ब्रेन को स्वाभाविक रूप से एक्टिव होने का समय मिलता है। सवाल- सुबह का हेल्दी रूटीन कैसा होना चाहिए? जवाब- दिन की शुरुआत ऐसी आदतों से करें, जो शरीर के सर्कैडियन रिद्म और ब्रेन के स्वाभाविक एक्टिवेशन को सपोर्ट करें। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर कोई व्यक्ति जागने के बाद पहले 30 मिनट फोन न देखकर अपना हेल्दी मॉर्निंग रूटीन फॉलो करे, तो ब्रेन और मेंटल हेल्थ को क्या फायदे होते हैं? जवाब- सुबह जागने के बाद के पहले 30 मिनट ब्रेन और शरीर के लिए अहम होते हैं। अगर इस दौरान फोन देखने की बजाय हेल्दी मॉर्निंग रूटीन अपनाते हैं तो यह ब्रेन को स्वाभाविक रूप से सक्रिय होने में मदद करता है। इसके सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- कुल मिलाकर सुबह उठते ही फोन चेक करने की आदत से फोकस, मूड और स्ट्रेस पर असर पड़ता है। इसलिए जागने के बाद कुछ समय फोन से दूरी बनाकर पानी पीना, धूप लेना, हल्की एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग और दिन की प्लानिंग जैसी हेल्दी आदतों को प्राथमिकता दें। *************** ग्राफिक्स- अजीत सिंह ………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- मुफ्त की धूप के 7 हेल्थ बेनिफिट्स: उम्र बढ़ेगी, बुढ़ापा देर से आएगा, डॉक्टर से समझें मॉर्निंग सनलाइट के 7 रूल्स हममें से ज्यादातर लोग सुबह आंख खुलते ही सनलाइट की बजाय मोबाइल स्क्रीन देखते हैं। दिन की शुरुआत नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया से होती है। जबकि सुबह की धूप बॉडी क्लॉक को सेट करने और शरीर को पूरे दिन के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती है। पूरी खबर पढ़िए…
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