राजधानी के बढ़ते दायरे और आबादी के दबाव को देखते हुए रांची नगर निगम ने नागरिक सेवाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्थापना के 47 साल बीत जाने के बाद पहली बार निगम ने शहर के पांच अलग-अलग कोनों में नए अंचल कार्यालयों की सौगात दी है। नए अंचल कार्यालयों का संचालन बड़ा तालाब, पंडरा, बांधगाड़ी, सेक्टर-3 बाजार एचईसी धुर्वा और तुपुदाना में शुरू किया गया है। इन केंद्रों पर सफाई व्यवस्था, पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट), जलापूर्ति समेत रोजमर्रा की नागरिक सुविधाओं की मॉनिटरिंग और शिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान होगा।
उद्घाटन के अवसर पर महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जनता के समय, श्रम और आवागमन के खर्च की बचत होगी। उप महापौर नीरज कुमार ने इसे निगम के इतिहास का मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह केंद्र केवल दफ्तर नहीं, बल्कि स्थानीय सेवा केंद्र के रूप में काम करेंगे। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती होने से शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी। साथ ही, नागरिकों के फीडबैक के आधार पर भविष्य में और भी नए अंचल कार्यालय खोलने पर विचार किया जाएगा। कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, वार्ड पार्षद और कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।
यहां खुले नए अंचल कार्यालय स्थानीय स्तर पर सुलझेंगी समस्याएं अंचल कार्यालयों की शुरुआत का उद्देश्य नगर निगम की सेवाओं को नागरिकों के द्वार के और करीब पहुंचाना है। अब संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को छोटी-छोटी नगर निगम सेवाओं एवं शिकायतों के लिए निगम मुख्यालय आने की आवश्यकता कम होगी। स्थानीय स्तर पर पदाधिकारियों व कर्मियों की उपलब्धता से समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी तथा क्षेत्र की मूलभूत नागरिक सुविधाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। नागरिकों के फीडबैक पर अंचल कार्यालयों में सुधार व और भी अंचल कार्यालय खोलने पर विचार किया जाएगा। पहले क्या थी व्यवस्था : 53 वार्डों के काम के लिए सिर्फ निगम मुख्यालय और एक डोरंडा अंचल कार्यालय ही उपलब्ध थे। शहर की आबादी व भौगोलिक दायरे में भारी इजाफा होने के कारण मुख्यालय पर दबाव बढ़ रहा था और आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कई किमी दूर आना पड़ता था। अब क्या होगा: 5 नए अंचल खुलने से कुल 6 अंचल कार्यालय और एक मुख्यालय एक्टिव हो गए हैं। धुर्वा, तुपुदाना, पंडरा, बांधगाड़ी और बड़ा तालाब क्षेत्र के निवासियों को अब 10 से 15 किमी का सफर तय कर मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय पार्षदों व क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ेगा। आगे क्या : इन केंद्रों पर कंप्यूटर ऑपरेटर और फील्ड स्टाफ की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। नगर आयुक्त के अनुसार, शुरुआती कामकाज का जायजा लेने के बाद जनता से सीधे फीडबैक लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार शहर के अन्य प्रमुख हिस्सों में भी नए अंचल कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। राजधानी के बढ़ते दायरे और आबादी के दबाव को देखते हुए रांची नगर निगम ने नागरिक सेवाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्थापना के 47 साल बीत जाने के बाद पहली बार निगम ने शहर के पांच अलग-अलग कोनों में नए अंचल कार्यालयों की सौगात दी है। नए अंचल कार्यालयों का संचालन बड़ा तालाब, पंडरा, बांधगाड़ी, सेक्टर-3 बाजार एचईसी धुर्वा और तुपुदाना में शुरू किया गया है। इन केंद्रों पर सफाई व्यवस्था, पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट), जलापूर्ति समेत रोजमर्रा की नागरिक सुविधाओं की मॉनिटरिंग और शिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान होगा।
उद्घाटन के अवसर पर महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जनता के समय, श्रम और आवागमन के खर्च की बचत होगी। उप महापौर नीरज कुमार ने इसे निगम के इतिहास का मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह केंद्र केवल दफ्तर नहीं, बल्कि स्थानीय सेवा केंद्र के रूप में काम करेंगे। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती होने से शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी। साथ ही, नागरिकों के फीडबैक के आधार पर भविष्य में और भी नए अंचल कार्यालय खोलने पर विचार किया जाएगा। कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, वार्ड पार्षद और कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।
यहां खुले नए अंचल कार्यालय स्थानीय स्तर पर सुलझेंगी समस्याएं अंचल कार्यालयों की शुरुआत का उद्देश्य नगर निगम की सेवाओं को नागरिकों के द्वार के और करीब पहुंचाना है। अब संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को छोटी-छोटी नगर निगम सेवाओं एवं शिकायतों के लिए निगम मुख्यालय आने की आवश्यकता कम होगी। स्थानीय स्तर पर पदाधिकारियों व कर्मियों की उपलब्धता से समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी तथा क्षेत्र की मूलभूत नागरिक सुविधाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। नागरिकों के फीडबैक पर अंचल कार्यालयों में सुधार व और भी अंचल कार्यालय खोलने पर विचार किया जाएगा। पहले क्या थी व्यवस्था : 53 वार्डों के काम के लिए सिर्फ निगम मुख्यालय और एक डोरंडा अंचल कार्यालय ही उपलब्ध थे। शहर की आबादी व भौगोलिक दायरे में भारी इजाफा होने के कारण मुख्यालय पर दबाव बढ़ रहा था और आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कई किमी दूर आना पड़ता था। अब क्या होगा: 5 नए अंचल खुलने से कुल 6 अंचल कार्यालय और एक मुख्यालय एक्टिव हो गए हैं। धुर्वा, तुपुदाना, पंडरा, बांधगाड़ी और बड़ा तालाब क्षेत्र के निवासियों को अब 10 से 15 किमी का सफर तय कर मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय पार्षदों व क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ेगा। आगे क्या : इन केंद्रों पर कंप्यूटर ऑपरेटर और फील्ड स्टाफ की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। नगर आयुक्त के अनुसार, शुरुआती कामकाज का जायजा लेने के बाद जनता से सीधे फीडबैक लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार शहर के अन्य प्रमुख हिस्सों में भी नए अंचल कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।

