राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर जमुई के व्यवसायी संघ ने सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल पेश की है। शुक्रवार को संघ की ओर से सदर अस्पताल, जमुई में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में व्यवसायी संघ से जुड़े दर्जनों सदस्यों ने अत्यंत उत्साह और सेवा भाव के साथ रक्तदान किया। अध्यक्ष मदन सिंह ने बताया कि संघ के कोषाध्यक्ष चंद्रकांत भगत, उप सचिव रौशन रामा, संजीव वर्णवाल, दिलीप कुमार, अमर भगत, मुस्कान कुमारी, अमरनाथ भगत, मो. डिसू उर्फ फिरोज आलम, लक्ष्मी साह, कुंजबिहारी बंका, अजन रजक, मोहित भगत और रिषि भगत सहित कई व्यवसायी शामिल थे। शिविर के दौरान उपस्थित संघ के सदस्यों ने एकजुट होकर रक्तदान को ‘महादान’ बताया। उन्होंने समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा “रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। अस्पतालों में भर्ती गंभीर और जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता ही उनके जीवन को बचाने का एकमात्र जरिया है। हमारा यह छोटा सा प्रयास यदि किसी की जान बचाने के काम आ सके, तो यह हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।” व्यवसायी संघ ने इस बात पर बल दिया कि उनका संगठन केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों को निभाने में भी हमेशा अग्रणी रहेगा। संघ के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी इस तरह के जनसेवा और सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर जमुई के व्यवसायी संघ ने सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल पेश की है। शुक्रवार को संघ की ओर से सदर अस्पताल, जमुई में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में व्यवसायी संघ से जुड़े दर्जनों सदस्यों ने अत्यंत उत्साह और सेवा भाव के साथ रक्तदान किया। अध्यक्ष मदन सिंह ने बताया कि संघ के कोषाध्यक्ष चंद्रकांत भगत, उप सचिव रौशन रामा, संजीव वर्णवाल, दिलीप कुमार, अमर भगत, मुस्कान कुमारी, अमरनाथ भगत, मो. डिसू उर्फ फिरोज आलम, लक्ष्मी साह, कुंजबिहारी बंका, अजन रजक, मोहित भगत और रिषि भगत सहित कई व्यवसायी शामिल थे। शिविर के दौरान उपस्थित संघ के सदस्यों ने एकजुट होकर रक्तदान को ‘महादान’ बताया। उन्होंने समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा “रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। अस्पतालों में भर्ती गंभीर और जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता ही उनके जीवन को बचाने का एकमात्र जरिया है। हमारा यह छोटा सा प्रयास यदि किसी की जान बचाने के काम आ सके, तो यह हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।” व्यवसायी संघ ने इस बात पर बल दिया कि उनका संगठन केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों को निभाने में भी हमेशा अग्रणी रहेगा। संघ के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी इस तरह के जनसेवा और सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा

