जमुई में किऊल नदी में डूबे एक मजदूर का शव सोमवार सुबह करीब 14 घंटे बाद बरामद किया गया। मृतक की पहचान टाउन थाना क्षेत्र के अगहारा निवासी मुन्ना मांझी (30) के रूप में हुई है। वह रविवार देर शाम छत ढलाई के बाद नदी में नहाने उतरा था और तेज बहाव में बह गया था। शव घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर पतौना इलाके में नदी किनारे झाड़ियों में मिला। रविवार देर शाम से ही पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें उसकी तलाश कर रही थीं, लेकिन तेज बहाव के कारण शव दूर बह गया था। मुन्ना मांझी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। परिजनों के अनुसार, छह दिन पहले ही उसके घर बेटी का जन्म हुआ था। NDRF और SDRF टीम ने रातभर की खोजबीन परिजनों ने बताया कि मुन्ना रविवार को अपने जीजा शंकर मांझी के साथ पतौना इलाके में एक गेस्ट हाउस की सीढ़ी और छत ढलाई का काम करने गया था। रविवार देर शाम काम खत्म होने के बाद दोनों किऊल नदी में स्नान करने चले गए। कुछ देर बाद शंकर मांझी नदी से बाहर आ गए, लेकिन मुन्ना दिखाई नहीं दिया। मुन्ना के नदी में डूबने की जानकारी मिलते ही साथी मजदूरों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद मजदूरों ने संवेदक के मुंशी को घटना की जानकारी दी। मुंशी से सूचना मिलने पर मलयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम करने सदर अस्पताल भेजा शव प्रभारी थानाध्यक्ष स्वाति कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी सूचित किया। दोनों टीमों ने नदी में रात भर खोजबीन की, लेकिन रविवार रात तक मुन्ना का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने नदी किनारे झाड़ियों में शव देखा। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव की पहचान मुन्ना मांझी के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक के पिता कृष्णा मांझी ने बताया कि मुन्ना परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जमुई में किऊल नदी में डूबे एक मजदूर का शव सोमवार सुबह करीब 14 घंटे बाद बरामद किया गया। मृतक की पहचान टाउन थाना क्षेत्र के अगहारा निवासी मुन्ना मांझी (30) के रूप में हुई है। वह रविवार देर शाम छत ढलाई के बाद नदी में नहाने उतरा था और तेज बहाव में बह गया था। शव घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर पतौना इलाके में नदी किनारे झाड़ियों में मिला। रविवार देर शाम से ही पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें उसकी तलाश कर रही थीं, लेकिन तेज बहाव के कारण शव दूर बह गया था। मुन्ना मांझी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। परिजनों के अनुसार, छह दिन पहले ही उसके घर बेटी का जन्म हुआ था। NDRF और SDRF टीम ने रातभर की खोजबीन परिजनों ने बताया कि मुन्ना रविवार को अपने जीजा शंकर मांझी के साथ पतौना इलाके में एक गेस्ट हाउस की सीढ़ी और छत ढलाई का काम करने गया था। रविवार देर शाम काम खत्म होने के बाद दोनों किऊल नदी में स्नान करने चले गए। कुछ देर बाद शंकर मांझी नदी से बाहर आ गए, लेकिन मुन्ना दिखाई नहीं दिया। मुन्ना के नदी में डूबने की जानकारी मिलते ही साथी मजदूरों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद मजदूरों ने संवेदक के मुंशी को घटना की जानकारी दी। मुंशी से सूचना मिलने पर मलयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम करने सदर अस्पताल भेजा शव प्रभारी थानाध्यक्ष स्वाति कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी सूचित किया। दोनों टीमों ने नदी में रात भर खोजबीन की, लेकिन रविवार रात तक मुन्ना का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने नदी किनारे झाड़ियों में शव देखा। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव की पहचान मुन्ना मांझी के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक के पिता कृष्णा मांझी ने बताया कि मुन्ना परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

