जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पोहे गांव में गुरुवार को एक व्यक्ति की ताड़ के पेड़ से गिरकर मौत हो गई। 45 वर्षीय रामदेव चौधरी जलावन काटने के लिए करीब 30 फीट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर चढ़े थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे नीचे आ गिरे। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन उन्हें इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले गए। परिजनों ने बताया कि पोहे गांव से सदर अस्पताल पहुंचने में लगभग एक से सवा घंटे का समय लगा। अस्पताल में चिकित्सकों ने रामदेव को दो इंजेक्शन दिए। उन्हें एक्स-रे के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उनकी मौत हो गई। मृतक के दामाद के अनुसार, रामदेव चौधरी बेहद गरीब परिवार से थे और जलावन बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी संजू देवी, पांच बेटियां और दो बेटे हैं। बताया गया कि करीब दो महीने पहले ही उनके एक बेटे की भी मौत हो चुकी थी, जिससे परिवार पहले से ही सदमे में था। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने प्रशासन और सरकार से गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि उनके सामने उत्पन्न हुए जीवन-यापन के संकट को कम किया जा सके। जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पोहे गांव में गुरुवार को एक व्यक्ति की ताड़ के पेड़ से गिरकर मौत हो गई। 45 वर्षीय रामदेव चौधरी जलावन काटने के लिए करीब 30 फीट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर चढ़े थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे नीचे आ गिरे। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन उन्हें इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले गए। परिजनों ने बताया कि पोहे गांव से सदर अस्पताल पहुंचने में लगभग एक से सवा घंटे का समय लगा। अस्पताल में चिकित्सकों ने रामदेव को दो इंजेक्शन दिए। उन्हें एक्स-रे के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उनकी मौत हो गई। मृतक के दामाद के अनुसार, रामदेव चौधरी बेहद गरीब परिवार से थे और जलावन बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी संजू देवी, पांच बेटियां और दो बेटे हैं। बताया गया कि करीब दो महीने पहले ही उनके एक बेटे की भी मौत हो चुकी थी, जिससे परिवार पहले से ही सदमे में था। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने प्रशासन और सरकार से गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि उनके सामने उत्पन्न हुए जीवन-यापन के संकट को कम किया जा सके।

