जमुई में डूबने से तीन बच्चों की मौत:इनमें दो सगे भाई, विश्वकर्मा पूजा के लिए बालू लेने गई 8 साल की बच्ची, 6 घंटे बाद भी शव नहीं मिला

जमुई में डूबने से तीन बच्चों की मौत:इनमें दो सगे भाई, विश्वकर्मा पूजा के लिए बालू लेने गई 8 साल की बच्ची, 6 घंटे बाद भी शव नहीं मिला

जमुई में मंगलवार को डूबने की अलग-अलग घटनाओं में तीन बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना सोनो थाना क्षेत्र के बाबूडीह गांव में हुई, जहां तीज पूजा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान टिकलाही आहार में दो सगे भाई डूब गए। वहीं, चकाई प्रखंड के कियाजोरी पंचायत के बलिया डाबर बालू घाट पर कर्मा पूजा के लिए बालू लेने गई आठ साल की बच्ची भी गहरे पानी में फंसकर डूब गई। मिली जानकारी के अनुसार, बाबूडीह गांव के शंकर चौधरी के बेटे अमरजीत कुमार (10) और रुद्र कुमार (7) अन्य लोगों के साथ तीज पूजा की प्रतिमा विसर्जन के लिए आहार के पास गए थे। इसी दौरान दोनों भाई गहरे पानी में चले गए और डूब गए। उनके साथ मौजूद मंझले भाई ने घर जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण आहार की ओर भागे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बेटों की मौत से परिवार में मातम एक साथ दो बेटों की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत बच्चों के पिता शंकर चौधरी होमगार्ड के जवान हैं। घटना के समय वे जमुई में ड्यूटी पर थे। पुलिस ने जरूरी औपचारिकताओं के बाद दोनों बच्चों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बालू लेने गई बच्ची गहरे पानी में डूबी दूसरी घटना चकाई के बलिया डाबर बालू घाट पर हुई। यहां कर्मा पूजा के लिए अपनी सहेलियों के साथ बालू लेने गई आठ साल की बच्ची सीमा कुमारी गहरे और दलदली पानी में फंसकर डूब गई। बच्ची के साथ मौजूद सहेलियों ने उसे दुपट्टे से खींचकर बचाने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सकीं। इसके बाद गांव में खबर दी गई। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर बच्ची की तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर चंद्रमंडीह थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ भी घटनास्थल पर पहुंचे और एनडीआरएफ टीम को जानकारी दी गई। बालू उठाव से गड्ढे बनने का आरोप बच्ची के पिता तारिणी साव ने बताया कि कर्मा पूजा के लिए गांव की कई बच्चियों के साथ वह नदी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू उठाव के कारण घाट पर कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिसकी वजह से हादसा हुआ। घटना को लेकर ग्रामीणों में बालू संवेदक के खिलाफ आक्रोश है और कार्रवाई की मांग की जा रही है। बताया जाता है कि सुबह 8 बजे सीमा अपनी सहेलियों के साथ कर्मा पूजा को लेकर बालू लाने के लिए नदी गई थी। छह घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सीमा का शव नहीं मिल सका है। फिलहाल उसकी खोजबीन जारी है। जमुई में मंगलवार को डूबने की अलग-अलग घटनाओं में तीन बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना सोनो थाना क्षेत्र के बाबूडीह गांव में हुई, जहां तीज पूजा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान टिकलाही आहार में दो सगे भाई डूब गए। वहीं, चकाई प्रखंड के कियाजोरी पंचायत के बलिया डाबर बालू घाट पर कर्मा पूजा के लिए बालू लेने गई आठ साल की बच्ची भी गहरे पानी में फंसकर डूब गई। मिली जानकारी के अनुसार, बाबूडीह गांव के शंकर चौधरी के बेटे अमरजीत कुमार (10) और रुद्र कुमार (7) अन्य लोगों के साथ तीज पूजा की प्रतिमा विसर्जन के लिए आहार के पास गए थे। इसी दौरान दोनों भाई गहरे पानी में चले गए और डूब गए। उनके साथ मौजूद मंझले भाई ने घर जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण आहार की ओर भागे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बेटों की मौत से परिवार में मातम एक साथ दो बेटों की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत बच्चों के पिता शंकर चौधरी होमगार्ड के जवान हैं। घटना के समय वे जमुई में ड्यूटी पर थे। पुलिस ने जरूरी औपचारिकताओं के बाद दोनों बच्चों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बालू लेने गई बच्ची गहरे पानी में डूबी दूसरी घटना चकाई के बलिया डाबर बालू घाट पर हुई। यहां कर्मा पूजा के लिए अपनी सहेलियों के साथ बालू लेने गई आठ साल की बच्ची सीमा कुमारी गहरे और दलदली पानी में फंसकर डूब गई। बच्ची के साथ मौजूद सहेलियों ने उसे दुपट्टे से खींचकर बचाने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सकीं। इसके बाद गांव में खबर दी गई। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर बच्ची की तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर चंद्रमंडीह थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ भी घटनास्थल पर पहुंचे और एनडीआरएफ टीम को जानकारी दी गई। बालू उठाव से गड्ढे बनने का आरोप बच्ची के पिता तारिणी साव ने बताया कि कर्मा पूजा के लिए गांव की कई बच्चियों के साथ वह नदी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू उठाव के कारण घाट पर कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिसकी वजह से हादसा हुआ। घटना को लेकर ग्रामीणों में बालू संवेदक के खिलाफ आक्रोश है और कार्रवाई की मांग की जा रही है। बताया जाता है कि सुबह 8 बजे सीमा अपनी सहेलियों के साथ कर्मा पूजा को लेकर बालू लाने के लिए नदी गई थी। छह घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सीमा का शव नहीं मिल सका है। फिलहाल उसकी खोजबीन जारी है।  

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