जमुई के सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य सचेतक अरुण भारती ने बुधवार को डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें मड़वा पहाड़ी क्षेत्र में दो नाबालिगों के साथ हुई घटना, पुलिस की कार्रवाई और पीड़ित परिवार के पुनर्वास को लेकर चर्चा हुई। बताया गया कि 19 सितंबर की शाम कुछ लोगों ने नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त को रास्ते में रोककर मारपीट की, उन्हें अपमानित किया और छात्रा को जबरन ले जाने की कोशिश की। 8 आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की। सदर एसडीपीओ की अगुवाई में एसआईटी पॉक्सो एक्ट के तहत मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। पहचान उजागर करने वाले 120 प्रोफाइल पर केस बैठक में पुलिस ने बताया कि नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सांसद ने बचे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच और तय समय में चार्जशीट दाखिल करने को कहा। उन्होंने विशेष पॉक्सो कोर्ट में फास्ट ट्रैक सुनवाई और प्रभावी पैरवी के लिए अनुभवी विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की बात कही। पीड़ित परिवार को सुरक्षा और अंतरिम मदद पीड़ित बच्चों और उनके परिवार को सुरक्षा देने, मुआवजा योजना के तहत अंतरिम मदद, मनोवैज्ञानिक सलाह और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। मड़वा पहाड़ी समेत सुनसान रास्तों पर शाम के समय नियमित गश्त बढ़ाने, रोशनी की व्यवस्था करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा गया। सांसद बोले- दोषियों को सजा दिलाना मकसद सांसद ने कहा कि उनका मकसद केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अदालत से दोषियों को सजा दिलाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो डाउनलोड या शेयर न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। जमुई के सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य सचेतक अरुण भारती ने बुधवार को डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें मड़वा पहाड़ी क्षेत्र में दो नाबालिगों के साथ हुई घटना, पुलिस की कार्रवाई और पीड़ित परिवार के पुनर्वास को लेकर चर्चा हुई। बताया गया कि 19 सितंबर की शाम कुछ लोगों ने नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त को रास्ते में रोककर मारपीट की, उन्हें अपमानित किया और छात्रा को जबरन ले जाने की कोशिश की। 8 आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की। सदर एसडीपीओ की अगुवाई में एसआईटी पॉक्सो एक्ट के तहत मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। पहचान उजागर करने वाले 120 प्रोफाइल पर केस बैठक में पुलिस ने बताया कि नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सांसद ने बचे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच और तय समय में चार्जशीट दाखिल करने को कहा। उन्होंने विशेष पॉक्सो कोर्ट में फास्ट ट्रैक सुनवाई और प्रभावी पैरवी के लिए अनुभवी विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की बात कही। पीड़ित परिवार को सुरक्षा और अंतरिम मदद पीड़ित बच्चों और उनके परिवार को सुरक्षा देने, मुआवजा योजना के तहत अंतरिम मदद, मनोवैज्ञानिक सलाह और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। मड़वा पहाड़ी समेत सुनसान रास्तों पर शाम के समय नियमित गश्त बढ़ाने, रोशनी की व्यवस्था करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा गया। सांसद बोले- दोषियों को सजा दिलाना मकसद सांसद ने कहा कि उनका मकसद केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अदालत से दोषियों को सजा दिलाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो डाउनलोड या शेयर न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें।

