Nangaon Road Accident: महाराष्ट्र में परगांव-नांगगांव अष्टविनायक राजमार्ग पर गन्ने से लदे वाहनों की बढ़ती आवाजाही और कथित तौर पर सुरक्षा इंतजामों की कमी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। नांगगांव (ता. दौंड) के 19 साल के कॉलेज छात्र आर्यन वासुदेव ससाने की सड़क हादसे में मौत हो गई। गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्रेलर की टक्कर में गंभीर रूप से घायल आर्यन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
जन्मदिन के अगले ही दिन घर में छाया मातम
महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्यन की मौत ने परिवार और परिचितों को झकझोर कर रख दिया है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि हादसे से महज एक दिन पहले ही आर्यन का जन्मदिन मनाया गया था। रिश्तेदारों और दोस्तों के मोबाइल स्टेटस पर उसे जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि अगले ही दिन वही परिवार अपने लाडले को श्रद्धांजलि देने के लिए मजबूर होगा। जन्मदिन की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दोपहिया से जा रहे आर्यन को ट्रैक्टर-ट्रेलर ने मारी टक्कर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आर्यन अपनी दोपहिया गाड़ी से जा रहा था। इसी दौरान सड़क पर कथित तौर पर लापरवाही से खड़े गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्रेलर से उसकी टक्कर हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि आर्यन बुरी तरह घायल हो गया। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के नागरिक तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल आर्यन को उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गन्ने से लदे वाहनों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
गन्ने की कटाई का मौसम शुरू होने के साथ ही अष्टविनायक राजमार्ग पर गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्रेलरों की संख्या काफी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर, टेल लैंप और पीछे की ओर पर्याप्त चेतावनी लाइटें नहीं होतीं। रात के समय बिना उचित प्रकाश या रिफ्लेक्टर के सड़क पर खड़े ऐसे वाहन दूर से दिखाई नहीं देते। इससे दोपहिया और अन्य वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अंधेरे में खड़े गन्ने के वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
आर्यन की मौत के बाद स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। लोगों ने गन्ने से लदे सभी वाहनों की तत्काल जांच करने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन वाहनों पर सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती की गई होती, तो शायद एक परिवार का चिराग बुझने से बच सकता था। अब आर्यन की मौत के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़क सुरक्षा के नियमों पर सख्ती कब होगी और कितनी और जानें जाने के बाद व्यवस्था जागेगी?

