तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव को लेकर जनसुराज में उम्मीदवार घोषित होने के 24 घंटे के अंदर ही बड़ा बदलाव सामने आया है। गुरुवार को पार्टी ने भूषण झा को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। शुक्रवार को प्रशांत किशोर की मौजूदगी में मुजफ्फरपुर के एक निजी होटल में हुई बैठक के बाद भूषण झा ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। भूषण झा ने बैठक के दौरान उनके साथ हुए व्यवहार पर आपत्ति जताई है। दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि जब उन्हें बैठक में अपनी बात रखने के लिए कहा गया और उन्होंने बोलना शुरू किया तो उनके साथ आए शिक्षक साथियों को उनकी बात रिकॉर्ड करने से रोक दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि उनके वक्तव्य को मीडिया तक पहुंचने नहीं दिया गया और बाद में उन पर वही बोलने का दबाव बनाया गया जो उनसे कहा जा रहा था। बैठक के बाद शिक्षकों से राय लेने का दावा भूषण झा ने कहा है कि उन्हें यह व्यवहार आपत्तिजनक लगा। उनके साथ गए शिक्षक साथी भी बैठक के दौरान असहज महसूस करने लगे। बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने सैकड़ों शिक्षक साथियों से बातचीत कर आगे की रणनीति पर राय ली। उनके मुताबिक, अधिकतर शिक्षक साथियों ने उन्हें स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने जनसुराज के उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने और स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया। जन सुराज के लिए क्या बदला? भूषण झा के फैसले से तिरहुत शिक्षक सीट पर जन सुराज की चुनावी रणनीति में बदलाव की स्थिति बन गई है। पार्टी ने एक दिन पहले ही उन्हें आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। अब उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद जन सुराज को इस सीट पर नए उम्मीदवार के नाम पर फैसला करना पड़ेगा। इसको लेकर जन सुराज ने पटना में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। भूषण झा ने अपने बयान में कहा है कि वह तिरहुत के शिक्षक साथियों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव को लेकर जनसुराज में उम्मीदवार घोषित होने के 24 घंटे के अंदर ही बड़ा बदलाव सामने आया है। गुरुवार को पार्टी ने भूषण झा को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। शुक्रवार को प्रशांत किशोर की मौजूदगी में मुजफ्फरपुर के एक निजी होटल में हुई बैठक के बाद भूषण झा ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। भूषण झा ने बैठक के दौरान उनके साथ हुए व्यवहार पर आपत्ति जताई है। दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि जब उन्हें बैठक में अपनी बात रखने के लिए कहा गया और उन्होंने बोलना शुरू किया तो उनके साथ आए शिक्षक साथियों को उनकी बात रिकॉर्ड करने से रोक दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि उनके वक्तव्य को मीडिया तक पहुंचने नहीं दिया गया और बाद में उन पर वही बोलने का दबाव बनाया गया जो उनसे कहा जा रहा था। बैठक के बाद शिक्षकों से राय लेने का दावा भूषण झा ने कहा है कि उन्हें यह व्यवहार आपत्तिजनक लगा। उनके साथ गए शिक्षक साथी भी बैठक के दौरान असहज महसूस करने लगे। बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने सैकड़ों शिक्षक साथियों से बातचीत कर आगे की रणनीति पर राय ली। उनके मुताबिक, अधिकतर शिक्षक साथियों ने उन्हें स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने जनसुराज के उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने और स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया। जन सुराज के लिए क्या बदला? भूषण झा के फैसले से तिरहुत शिक्षक सीट पर जन सुराज की चुनावी रणनीति में बदलाव की स्थिति बन गई है। पार्टी ने एक दिन पहले ही उन्हें आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। अब उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद जन सुराज को इस सीट पर नए उम्मीदवार के नाम पर फैसला करना पड़ेगा। इसको लेकर जन सुराज ने पटना में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। भूषण झा ने अपने बयान में कहा है कि वह तिरहुत के शिक्षक साथियों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

