मैहर में प्रभारी हेडमास्टर क्लास में गुटखा थूकने और बच्चों से टॉयलेट साफ करने पर शनिवार को सस्पेंड किया गया है। डीईओ ने रविवार को इसकी जानकारी दी। मामला रामनगर विकासखंड के मिरगौती संकुल अंतर्गत अमुआ प्राथमिक स्कूल का है। प्रभारी प्रधानाध्यापक समयलाल कोल पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने, कक्षा में गुटखा थूकने और बच्चों से विद्यालय की गंदगी साफ कराने जैसे आरोप लगे हैं। यह कार्रवाई एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद की गई और ग्रामीणों की शिकायत के बाद कि गई। ग्रामीणों ने क्या बताया? स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समयलाल कोल आए दिन नशे की हालत में स्कूल पहुंचते थे। नशे की हालत में वे कक्षा में अनुशासनहीन व्यवहार करते थे और कई बार विद्यालय परिसर में ही गंदगी फैला देते थे। इसके बाद बच्चों से ही सफाई कराने की बात भी सामने आई है। ग्रामीण राधा द्विवेदी ने आरोप लगाया कि शिक्षक हमेशा नशे में रहते थे और स्कूल में गंदगी फैलाते थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर में बने शौचालय की साफ-सफाई भी छात्र-छात्राओं से कराई जाती थी, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी थी। कुछ विद्यार्थियों ने भी शिक्षक के व्यवहार को लेकर शिकायत की है। बच्चों का कहना है कि शिक्षक नशे की हालत में कक्षा में आते थे और पढ़ाई कराने के बजाय गुटखा खाते थे और दीवारों पर थूकते थे। एक छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि उससे मल साफ कराई गई और उसे डांट-फटकार भी लगाई गई। मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा के निर्देश पर संकुल प्राचार्य ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कक्षा 1 से 5वीं तक पांच विद्यार्थी दर्ज मिले, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं था। छात्र उपस्थिति रजिस्ट्रर अपूर्ण पाया गया और विद्यालय परिसर में गंदगी मिली। ग्रामीणों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक समयलाल कोल पर नशे में स्कूल आने और बच्चों से गंदगी साफ कराने के आरोप दोहराए। इसके बाद समयलाल कोल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय तक जवाब नहीं दिया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय मैहर निर्धारित किया गया है।

