छत से नोटों से भरा बैग-मोबाइल फेंका:परिवहन विभाग का ESI महंगी घड़ियों का शौकीन; रेड में नोएड में फ्लैट, 15 बैंक खाते मिले

छत से नोटों से भरा बैग-मोबाइल फेंका:परिवहन विभाग का ESI महंगी घड़ियों का शौकीन; रेड में नोएड में फ्लैट, 15 बैंक खाते मिले

कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर तबादला होने के ठीक अगले ही दिन प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) के रडार पर आ गए। ईओयू ने वैध आय से 1.49 करोड़ से अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप में उनके ठिकानों पर छापेमारी की। भोजपुर स्थित आवास पर जब ईओयू की टीम पहुंची, तो अमित गुप्ता ने 15 मिनट तक दरवाजा नहीं खोला। इस बीच उन्होंने नोटों से भरा काला बैग पड़ोसी की छत पर फेंक दिया और मोबाइल बालकनी से नीचे गिरा दिया। ईओयू ने दानापुर के ‘साई वरदान सिटी’ अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 609 और भोजपुर के नवादा स्थित आवास पर करीब 8 घंटे तक छानबीन की। 13 साल की सेवा में अमित को वेतन से 75 लाख और उनकी शिक्षिका पत्नी श्वेता गुप्ता को 16 लाख (कुल 91 लाख) की वैध आय हुई। अमित कुमार के पास से 13 ब्रांडेड घड़ियां भी मिली हैं। पत्नी ने की भगाने की कोशिश EOU के उपाधीक्षक विजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम बुधवार सुबह करीब 8 बजे अवधपुरी स्थित मकान पर पहुंची। टीम के पहुंचने के समय अमित कुमार बालकनी में खड़े होकर ब्रश कर रहे थे। टीम को देखते ही अमित हड़बड़ा गए। करीब 15 मिनट के दौरान बालकनी से दस्तावेज, कैश और मोबाइल नीचे फेंके दिए। पुलिसकर्मियों ने नीचे गिराए गए सामान को अपने कब्जे में लिया। इसी दौरान अमित कुमार की पत्नी श्वेता गुप्ता ने उन्हें पहली मंजिल की बालकनी से नीचे कूदकर बाहर निकलने की कोशिश कराई गई, जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। रेड से जुड़ी तस्वीरें… ऑटोमैटिक लॉक के कारण बाहर खड़ी रही EOU टीम अमित कुमार के आलीशान मकान के मुख्य गेट में ऑटोमैटिक लॉक लगा था। इसके कारण टीम को करीब 15 से 20 मिनट तक घर के बाहर इंतजार करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद घर में एंट्री करने के बाद EOU ने पूरे मकान की तलाशी शुरू की। टीम ने कमरों में रखे दस्तावेज, अलमारी, सामान और घर के अन्य हिस्सों की जांच की। बालकनी और छत तक को नहीं छोड़ा गया। तलाशी के दौरान अमित कुमार और उनकी पत्नी श्वेता गुप्ता के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। जांच के दौरान सामने आए 16 प्लॉट, मकान और फ्लैट के दस्तावेजों ने EOU की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इन संपत्तियों में पटना से लेकर दिल्ली तक की संपत्तियां शामिल होने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसी दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों के खरीद की तारीख, कीमत और पेमेंट के सोर्स जुटाएगी। साथ ही अधिकारी की ज्ञात आय के मुकाबले संपत्ति के मूल्य का आकलन किया जाएगा। EOU की करीब 11 घंटे चली कार्रवाई के बाद जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आय से अधिक प्रॉपर्टी बनाई आर्थिक अपराध इकाई के उपाधीक्षक विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कांड संख्या 26/26 दर्ज किया गया था। सत्यापन के दौरान अमित कुमार ज्ञात आय के वैध श्रोतों से कुल 1 करोड़, 49 लाख, 58 हजार, 500 रूपए आय से अधिक संपत्ति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया सामने आया है। जो उनके ज्ञात वैध आय से लगभग 148.10 प्रतिशत अधिक है। अमित कुमार गुप्ता 2013 में परिवर्तन अवर निरीक्षक के रूप में परिवहन विभाग में नियुक्त हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग पूर्णिया के दालकोला चेक पोस्ट पर हुई थी। उसके बाद मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया, पटना सहित कई जिलों में रहे। बिहार के साथ-साथ दिल्ली में भी प्रॉपर्टी अमित कुमार गुप्ता के आवास की तलाशी के दौरान 3 लाख कैश, एक टाटा टियागो इलेक्ट्रिक कार, आरा, पटना, छपरा समेत कुछ अन्य जिले में उनके और परिजनों के नाम पर 11 प्लॉट की खरीद किए जाने से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावाअवधपुरी मोहल्ले स्थित तीन मंजिला मकान है। आरा में खरीदी गई 5.1 डी. जमीन पर एक निर्माणाधीन मकान और पटना स्थित साईं वरदान सिटी में एक फ्लैट की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त इंपेरिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड नोएडा और ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली में फ्लैट, जमीन में निवेश किए जाने से संबंधित साक्ष्य पाया गया है। डीएसपी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अलग-अलग बैंकों के कुल 15 बैंक के पासबुक और चेकबुक की बरामदगी हुई है। जिसमें लाखों रुपए की राशि को फ्रिज कराया गया है। साथ ही एक बैंक लॉकर भी पाया गया है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है। इसके अतिरिक्त शेयर-म्युचुअल फंड में करीब 30 लाख से अधिक राशि निवेश करने से संबंधित कागजात बरामद की गई है। जेवरात खरीदने के रसीद मिले भारतीय जीवन बीमा निगम से संबंधित कुल 7 दस्तावेज भी बरामद किया गया है, जिसमें लगभग 10 लाख से अधिक की राशि निवेश की गई है। जेवरात खरीदने संबंधित दर्जनों रसीद भी बरामद की गई है। अभियुक्त की ओर से किए गए निवेश के संबंध में जब्त दस्तावेजों की आगे जांच की जाएगी। दो बच्चों के शिक्षा पर भी बड़ी राशि खर्च की गई है। अमित गुप्ताा के दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। बेटी कोटा में NEET की तैयारी कर रही है, जबकि बेटा दार्जिलिंग में महंगे आवासीय विद्यालय में पढ़ता है। इस संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है। भभुआ में पोस्टेड हैं अमित कुमार गुप्ता बताया जा रहा है कि अमित कुमार गुप्ता 2014 बैच के मोबाइल सब इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में भभुआ में पदस्थापित हैं।आरोप है कि नौकरी जॉइन करने के बाद उन्होंने जमीन, मकान समेत बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति अर्जित की। EOU की कार्रवाई के बाद जांच टीम संपत्तियों और उनके आय के स्रोतों के बीच सामंजस्य की पड़ताल कर रही है। कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर तबादला होने के ठीक अगले ही दिन प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) के रडार पर आ गए। ईओयू ने वैध आय से 1.49 करोड़ से अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप में उनके ठिकानों पर छापेमारी की। भोजपुर स्थित आवास पर जब ईओयू की टीम पहुंची, तो अमित गुप्ता ने 15 मिनट तक दरवाजा नहीं खोला। इस बीच उन्होंने नोटों से भरा काला बैग पड़ोसी की छत पर फेंक दिया और मोबाइल बालकनी से नीचे गिरा दिया। ईओयू ने दानापुर के ‘साई वरदान सिटी’ अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 609 और भोजपुर के नवादा स्थित आवास पर करीब 8 घंटे तक छानबीन की। 13 साल की सेवा में अमित को वेतन से 75 लाख और उनकी शिक्षिका पत्नी श्वेता गुप्ता को 16 लाख (कुल 91 लाख) की वैध आय हुई। अमित कुमार के पास से 13 ब्रांडेड घड़ियां भी मिली हैं। पत्नी ने की भगाने की कोशिश EOU के उपाधीक्षक विजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम बुधवार सुबह करीब 8 बजे अवधपुरी स्थित मकान पर पहुंची। टीम के पहुंचने के समय अमित कुमार बालकनी में खड़े होकर ब्रश कर रहे थे। टीम को देखते ही अमित हड़बड़ा गए। करीब 15 मिनट के दौरान बालकनी से दस्तावेज, कैश और मोबाइल नीचे फेंके दिए। पुलिसकर्मियों ने नीचे गिराए गए सामान को अपने कब्जे में लिया। इसी दौरान अमित कुमार की पत्नी श्वेता गुप्ता ने उन्हें पहली मंजिल की बालकनी से नीचे कूदकर बाहर निकलने की कोशिश कराई गई, जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। रेड से जुड़ी तस्वीरें… ऑटोमैटिक लॉक के कारण बाहर खड़ी रही EOU टीम अमित कुमार के आलीशान मकान के मुख्य गेट में ऑटोमैटिक लॉक लगा था। इसके कारण टीम को करीब 15 से 20 मिनट तक घर के बाहर इंतजार करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद घर में एंट्री करने के बाद EOU ने पूरे मकान की तलाशी शुरू की। टीम ने कमरों में रखे दस्तावेज, अलमारी, सामान और घर के अन्य हिस्सों की जांच की। बालकनी और छत तक को नहीं छोड़ा गया। तलाशी के दौरान अमित कुमार और उनकी पत्नी श्वेता गुप्ता के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। जांच के दौरान सामने आए 16 प्लॉट, मकान और फ्लैट के दस्तावेजों ने EOU की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इन संपत्तियों में पटना से लेकर दिल्ली तक की संपत्तियां शामिल होने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसी दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों के खरीद की तारीख, कीमत और पेमेंट के सोर्स जुटाएगी। साथ ही अधिकारी की ज्ञात आय के मुकाबले संपत्ति के मूल्य का आकलन किया जाएगा। EOU की करीब 11 घंटे चली कार्रवाई के बाद जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आय से अधिक प्रॉपर्टी बनाई आर्थिक अपराध इकाई के उपाधीक्षक विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कांड संख्या 26/26 दर्ज किया गया था। सत्यापन के दौरान अमित कुमार ज्ञात आय के वैध श्रोतों से कुल 1 करोड़, 49 लाख, 58 हजार, 500 रूपए आय से अधिक संपत्ति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया सामने आया है। जो उनके ज्ञात वैध आय से लगभग 148.10 प्रतिशत अधिक है। अमित कुमार गुप्ता 2013 में परिवर्तन अवर निरीक्षक के रूप में परिवहन विभाग में नियुक्त हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग पूर्णिया के दालकोला चेक पोस्ट पर हुई थी। उसके बाद मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया, पटना सहित कई जिलों में रहे। बिहार के साथ-साथ दिल्ली में भी प्रॉपर्टी अमित कुमार गुप्ता के आवास की तलाशी के दौरान 3 लाख कैश, एक टाटा टियागो इलेक्ट्रिक कार, आरा, पटना, छपरा समेत कुछ अन्य जिले में उनके और परिजनों के नाम पर 11 प्लॉट की खरीद किए जाने से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावाअवधपुरी मोहल्ले स्थित तीन मंजिला मकान है। आरा में खरीदी गई 5.1 डी. जमीन पर एक निर्माणाधीन मकान और पटना स्थित साईं वरदान सिटी में एक फ्लैट की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त इंपेरिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड नोएडा और ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली में फ्लैट, जमीन में निवेश किए जाने से संबंधित साक्ष्य पाया गया है। डीएसपी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अलग-अलग बैंकों के कुल 15 बैंक के पासबुक और चेकबुक की बरामदगी हुई है। जिसमें लाखों रुपए की राशि को फ्रिज कराया गया है। साथ ही एक बैंक लॉकर भी पाया गया है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है। इसके अतिरिक्त शेयर-म्युचुअल फंड में करीब 30 लाख से अधिक राशि निवेश करने से संबंधित कागजात बरामद की गई है। जेवरात खरीदने के रसीद मिले भारतीय जीवन बीमा निगम से संबंधित कुल 7 दस्तावेज भी बरामद किया गया है, जिसमें लगभग 10 लाख से अधिक की राशि निवेश की गई है। जेवरात खरीदने संबंधित दर्जनों रसीद भी बरामद की गई है। अभियुक्त की ओर से किए गए निवेश के संबंध में जब्त दस्तावेजों की आगे जांच की जाएगी। दो बच्चों के शिक्षा पर भी बड़ी राशि खर्च की गई है। अमित गुप्ताा के दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। बेटी कोटा में NEET की तैयारी कर रही है, जबकि बेटा दार्जिलिंग में महंगे आवासीय विद्यालय में पढ़ता है। इस संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है। भभुआ में पोस्टेड हैं अमित कुमार गुप्ता बताया जा रहा है कि अमित कुमार गुप्ता 2014 बैच के मोबाइल सब इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में भभुआ में पदस्थापित हैं।आरोप है कि नौकरी जॉइन करने के बाद उन्होंने जमीन, मकान समेत बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति अर्जित की। EOU की कार्रवाई के बाद जांच टीम संपत्तियों और उनके आय के स्रोतों के बीच सामंजस्य की पड़ताल कर रही है।  

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