पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की तैयारियों को लेकर बिहारशरीफ नगर जिला जनता दल यूनाइटेड के तत्वावधान में शहर के आईएमए हॉल में एक बैठक की। बैठक में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के प्रत्याशी और वर्तमान विधान पार्षद नीरज कुमार का स्वागत किया गया। तेजस्वी यादव की ओर से विधानसभा चुनाव को ‘फर्जी’ बताए जाने के सवाल पर नीरज कुमार ने करारा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है और मैं उसका प्रवक्ता नहीं हूं। लेकिन अगर तेजस्वी यादव यह कह रहे हैं कि बिहार का विधानसभा चुनाव फर्जी था, तो इसका सीधा मतलब है कि आप राघोपुर के फर्जी एमएलए हैं। इसका मतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल के जो 25 विधायक चुने गए हैं, वे सब के सब फर्जी हैं। अगर आपको लगता है कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है, तो तेजस्वी यादव को तुरंत विधायक पद से इस्तीफा देना चाहिए और जनता की अदालत में चलना चाहिए। इस बार सारा हिसाब-किताब हो जाएगा। जमुई-समस्तीपुर कांड पर बोले, ऐसे लोग महापापी हैं जमुई और समस्तीपुर में हुई हालिया जघन्य घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि समाज में इस तरह का कुकृत्य करने वाले लोग महापापी हैं और उनके दिलों-दिमाग में विकृति भरी हुई है। ऐसे लोगों का अब सामाजिक के साथ-साथ कानूनी एनकाउंटर भी हो रहा है। आजकल अपराधियों के पैरों में गोलियां लग रही हैं, जिससे उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा है। हम सरकार से अनुरोध करेंगे कि जल्द से जल्द स्पीडी ट्रायल चलाकर इन दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा मुकर्रर की जाए। बुलडोजर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों का ऐसा इलाज होगा कि वे जेल में तिल-तिल कर मरेंगे। 24 से 48 घंटे के अंदर अपराधियों की गिरफ्तारी की जा रही है, वे बचकर कहीं नहीं जा सकते।
अशोक चौधरी के बयान का किया बचाव जदयू नेता अशोक चौधरी के उस बयान ( राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी ऐसी घटनाओं को पूरी तरह नहीं रोक सकते) जब नीरज कुमार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तकनीकी रूप से इसका बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण करने की एक कार्यनीति होती है, लेकिन अपराध का पूरी तरह से उन्मूलन करने की कोई नीति नहीं होती। अपराध को नियंत्रित करने के लिए ही कड़े क्रिमिनल कानून बनाए गए हैं और सरकार उसी के तहत काम कर रही है। मुकेश सहनी के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के उस विवादित बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अगर एक खून माफ होता तो हम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते’, नीरज कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, जिसके लिए हम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं, लेकिन सीधा ‘गोली मार देंगे’ जैसा बयान देना बेहद निंदनीय है। यह कहावत सच है कि ‘संगति से गुन होत है, संगति से गुन जात’। चूंकि वे अतीत में पिछड़े-दलितों का नरसंहार कराने वाली लालूवाद की हिंसक विचारधारा के साथ बैठे हैं, इसलिए उनके मुंह से ऐसे विषैले और हिंसक बयान निकल रहे हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की तैयारियों को लेकर बिहारशरीफ नगर जिला जनता दल यूनाइटेड के तत्वावधान में शहर के आईएमए हॉल में एक बैठक की। बैठक में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के प्रत्याशी और वर्तमान विधान पार्षद नीरज कुमार का स्वागत किया गया। तेजस्वी यादव की ओर से विधानसभा चुनाव को ‘फर्जी’ बताए जाने के सवाल पर नीरज कुमार ने करारा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है और मैं उसका प्रवक्ता नहीं हूं। लेकिन अगर तेजस्वी यादव यह कह रहे हैं कि बिहार का विधानसभा चुनाव फर्जी था, तो इसका सीधा मतलब है कि आप राघोपुर के फर्जी एमएलए हैं। इसका मतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल के जो 25 विधायक चुने गए हैं, वे सब के सब फर्जी हैं। अगर आपको लगता है कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है, तो तेजस्वी यादव को तुरंत विधायक पद से इस्तीफा देना चाहिए और जनता की अदालत में चलना चाहिए। इस बार सारा हिसाब-किताब हो जाएगा। जमुई-समस्तीपुर कांड पर बोले, ऐसे लोग महापापी हैं जमुई और समस्तीपुर में हुई हालिया जघन्य घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि समाज में इस तरह का कुकृत्य करने वाले लोग महापापी हैं और उनके दिलों-दिमाग में विकृति भरी हुई है। ऐसे लोगों का अब सामाजिक के साथ-साथ कानूनी एनकाउंटर भी हो रहा है। आजकल अपराधियों के पैरों में गोलियां लग रही हैं, जिससे उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा है। हम सरकार से अनुरोध करेंगे कि जल्द से जल्द स्पीडी ट्रायल चलाकर इन दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा मुकर्रर की जाए। बुलडोजर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों का ऐसा इलाज होगा कि वे जेल में तिल-तिल कर मरेंगे। 24 से 48 घंटे के अंदर अपराधियों की गिरफ्तारी की जा रही है, वे बचकर कहीं नहीं जा सकते।
अशोक चौधरी के बयान का किया बचाव जदयू नेता अशोक चौधरी के उस बयान ( राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी ऐसी घटनाओं को पूरी तरह नहीं रोक सकते) जब नीरज कुमार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तकनीकी रूप से इसका बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण करने की एक कार्यनीति होती है, लेकिन अपराध का पूरी तरह से उन्मूलन करने की कोई नीति नहीं होती। अपराध को नियंत्रित करने के लिए ही कड़े क्रिमिनल कानून बनाए गए हैं और सरकार उसी के तहत काम कर रही है। मुकेश सहनी के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के उस विवादित बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अगर एक खून माफ होता तो हम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते’, नीरज कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, जिसके लिए हम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं, लेकिन सीधा ‘गोली मार देंगे’ जैसा बयान देना बेहद निंदनीय है। यह कहावत सच है कि ‘संगति से गुन होत है, संगति से गुन जात’। चूंकि वे अतीत में पिछड़े-दलितों का नरसंहार कराने वाली लालूवाद की हिंसक विचारधारा के साथ बैठे हैं, इसलिए उनके मुंह से ऐसे विषैले और हिंसक बयान निकल रहे हैं।

