चाँदपुरा में बाहंगी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन:सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बूढ़ी गंडक नदी में पारंपरिक रीति-रिवाज से किया विसर्जित

चाँदपुरा में बाहंगी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन:सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बूढ़ी गंडक नदी में पारंपरिक रीति-रिवाज से किया विसर्जित

बेगूसराय सदर के चाँदपुरा स्थित पुरानी दुर्गा स्थान में गुरुवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। विसर्जन से पहले मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं की पूजा हुई। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार, मां की प्रतिमा को बाहंगी पर रखकर दर्जनों युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु कंधों पर बूढ़ी गंडक नदी तक ले गए। मां के जयकारों के बीच महिलाओं ने गाए विदाई गीत यात्रा के दौरान मां दुर्गा के जयकारे गूंजे, माहौल भक्तिमय रहा। महिलाओं ने विदाई गीत गाए। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले साल फिर आने की कामना की। मंदिर के पुजारी अशोक मिश्रा एवं नवीन मिश्रा ने बताया कि यहां पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। प्रत्येक वर्ष मां की प्रतिमा का विसर्जन इसी परंपरा के अनुसार बाहंगी के माध्यम से किया जाता है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह देखने को मिला। मौके पर श्रवण सिंह, प्रियंकर सिंह, राकेश कुमार, प्रशांत कुमार, रौशन कुमार, रितेश कुमार, नितेश कुमार, बलराम, अतुल कश्यप, कुमार पंकज एवं शुभम कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। बेगूसराय सदर के चाँदपुरा स्थित पुरानी दुर्गा स्थान में गुरुवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। विसर्जन से पहले मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं की पूजा हुई। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार, मां की प्रतिमा को बाहंगी पर रखकर दर्जनों युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु कंधों पर बूढ़ी गंडक नदी तक ले गए। मां के जयकारों के बीच महिलाओं ने गाए विदाई गीत यात्रा के दौरान मां दुर्गा के जयकारे गूंजे, माहौल भक्तिमय रहा। महिलाओं ने विदाई गीत गाए। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले साल फिर आने की कामना की। मंदिर के पुजारी अशोक मिश्रा एवं नवीन मिश्रा ने बताया कि यहां पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। प्रत्येक वर्ष मां की प्रतिमा का विसर्जन इसी परंपरा के अनुसार बाहंगी के माध्यम से किया जाता है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह देखने को मिला। मौके पर श्रवण सिंह, प्रियंकर सिंह, राकेश कुमार, प्रशांत कुमार, रौशन कुमार, रितेश कुमार, नितेश कुमार, बलराम, अतुल कश्यप, कुमार पंकज एवं शुभम कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।  

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