चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में एक 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बच्ची गर्भवती हो गई है। इस घटना से स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। ज्यादा खून बहने और तेज दर्द की शिकायत के बाद परिजनों ने बच्ची को चतरा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनीष लाल ने बताया कि सोमवार शाम बच्ची को अस्पताल लाया गया था। जांच में उसकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत सदर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी थी। अब बच्ची को सदर अस्पताल से महिला थाना पुलिस को सौंपा गया है। अस्पताल की सूचना के तीन दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद एसपी ने जांच शुरू की है। अस्पताल प्रबंधन ने तीन दिन पहले ही पुलिस को मामले की स्पष्ट सूचना दे दी थी, फिर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने बाल कल्याण समिति (CWC) और प्रशासन से त्वरित न्याय की गुहार लगाई है। मामले के तूल पकड़ने के बाद चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एसपी ने कहा है कि नियमानुसार ऐसे संवेदनशील मामलों की सूचना सबसे पहले बाल कल्याण समिति (CWC) के पास जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे खुद इस पूरे मामले का स्टेटस देख रहे हैं कि अब तक इस केस में क्या कुछ कार्रवाई हुई है। चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में एक 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बच्ची गर्भवती हो गई है। इस घटना से स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। ज्यादा खून बहने और तेज दर्द की शिकायत के बाद परिजनों ने बच्ची को चतरा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनीष लाल ने बताया कि सोमवार शाम बच्ची को अस्पताल लाया गया था। जांच में उसकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत सदर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी थी। अब बच्ची को सदर अस्पताल से महिला थाना पुलिस को सौंपा गया है। अस्पताल की सूचना के तीन दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद एसपी ने जांच शुरू की है। अस्पताल प्रबंधन ने तीन दिन पहले ही पुलिस को मामले की स्पष्ट सूचना दे दी थी, फिर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने बाल कल्याण समिति (CWC) और प्रशासन से त्वरित न्याय की गुहार लगाई है। मामले के तूल पकड़ने के बाद चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एसपी ने कहा है कि नियमानुसार ऐसे संवेदनशील मामलों की सूचना सबसे पहले बाल कल्याण समिति (CWC) के पास जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे खुद इस पूरे मामले का स्टेटस देख रहे हैं कि अब तक इस केस में क्या कुछ कार्रवाई हुई है।

