चतरा जिले के इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़े पुजारी स्वामी श्रीनिवास का शव उनके आश्रम के कमरे में फंदे से लटका मिला। शव मिलने की सूचना से मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, अंचलाधिकारी सविता सिंह और डॉ. मृत्युंजय सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे में फंदे से लटक रहे शव को नीचे उतारा और जांच शुरू की। इसके बाद शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटखोरी ले जाया गया, जहां डॉ. अशोक कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। 2022 से कीर्तन मंडली से जुड़े थे मृतक पुजारी की पहचान करीब 30 वर्षीय अमन द्विवेदी उर्फ स्वामी श्रीनिवास के रूप में हुई है। वे मूल रूप से यूपी के बलिया के रहने वाले थे। परिजनों और परिचितों के अनुसार, उन्होंने अपने गांव के गुरुकुल से शिक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद कुछ समय तिरुपति बालाजी मंदिर में भी रहे थे। वर्ष 2022 से वे मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़े हुए थे। धार्मिक ज्ञान और अच्छे आचरण के कारण श्रद्धालुओं के बीच उनकी अलग पहचान थी। बताया गया कि उन्होंने कई भक्तों को दीक्षा भी दिलाई थी। उनकी अचानक हुई मौत की खबर से मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और कीर्तन मंडली के सदस्यों में शोक की लहर है। मंडली के अध्यक्ष शिवसेवक प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष हरिचंद्र प्रसाद सिंह और सचिव श्याम प्रसाद सिंह समेत अन्य सदस्यों ने घटना पर गहरा दुख जताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेजा गया। मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आश्रम के कमरे में पुजारी का शव फंदे से मिलने के बाद पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मौके से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले स्वामी श्रीनिवास की गतिविधियां क्या थीं और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

