चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: औरंगाबाद में बूंदाबांदी से गिरा तापमान:तीन दिन बारिश और वज्रपात का अलर्ट; जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी

चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: औरंगाबाद में बूंदाबांदी से गिरा तापमान:तीन दिन बारिश और वज्रपात का अलर्ट; जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी

औरंगाबाद में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर दिख रहा है। बुधवार को दोपहर से ही आसमान में बादल छाए रहे। शाम से जिले के कई इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश का दौर जारी है। बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 यानी आज से 31 अक्टूबर के बीच औरंगाबाद सहित बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा चलने का अनुमान है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। जिले में फिलहाल तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण जनजीवन के साथ कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। चक्रवात के प्रभाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने जारी की एडवाइजरी मौसम विज्ञान विभाग और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के मद्देनजर औरंगाबाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने आमजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, खेतों, जलाशयों, ऊंचे एवं अकेले पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल किसी मजबूत और पक्के भवन के अंदर शरण लेनी चाहिए। पेड़ों के नीचे या अस्थायी संरचनाओं में आश्रय लेने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवा के दौरान जर्जर मकानों, कमजोर दीवारों, टिन की छतों और गिरने की आशंका वाले पेड़ों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। बिजली चमकने या बादल गरजने पर छतों और खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए। बिजली के उपकरणों और तारों से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। धान की फसल को नुकसान की आशंका, किसानों को दी गई विशेष सलाह खराब मौसम का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। तेज हवा, बारिश और वज्रपात से खड़ी धान की फसल, फलदार वृक्षों और कृषि उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, झुग्गी-झोपड़ियों, टिन की छतों और कमजोर व कच्चे मकानों को भी क्षति हो सकती है।जिला प्रशासन ने किसानों और खेतिहर मजदूरों से मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की है। खरीफ फसलों की कटाई के वर्तमान समय को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित और सूखे स्थान पर रख लें। यदि मौसम प्रतिकूल रहने की आशंका हो और कटाई आवश्यक नहीं हो, तो मौसम अनुकूल होने तक काम स्थगित रखना बेहतर होगा। सब्जियों और अन्य फसलों में फिलहाल अनावश्यक सिंचाई से बचने तथा खेतों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। जिला नियंत्रण कक्ष से कर सकते हैं संपर्क संभावित प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों की सहायता और घटनाओं की सूचना प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिला नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने या घटना की सूचना देने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06186-295027 पर संपर्क किया जा सकता है। औरंगाबाद में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर दिख रहा है। बुधवार को दोपहर से ही आसमान में बादल छाए रहे। शाम से जिले के कई इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश का दौर जारी है। बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 यानी आज से 31 अक्टूबर के बीच औरंगाबाद सहित बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा चलने का अनुमान है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। जिले में फिलहाल तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण जनजीवन के साथ कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। चक्रवात के प्रभाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने जारी की एडवाइजरी मौसम विज्ञान विभाग और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के मद्देनजर औरंगाबाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने आमजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, खेतों, जलाशयों, ऊंचे एवं अकेले पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल किसी मजबूत और पक्के भवन के अंदर शरण लेनी चाहिए। पेड़ों के नीचे या अस्थायी संरचनाओं में आश्रय लेने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवा के दौरान जर्जर मकानों, कमजोर दीवारों, टिन की छतों और गिरने की आशंका वाले पेड़ों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। बिजली चमकने या बादल गरजने पर छतों और खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए। बिजली के उपकरणों और तारों से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। धान की फसल को नुकसान की आशंका, किसानों को दी गई विशेष सलाह खराब मौसम का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। तेज हवा, बारिश और वज्रपात से खड़ी धान की फसल, फलदार वृक्षों और कृषि उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, झुग्गी-झोपड़ियों, टिन की छतों और कमजोर व कच्चे मकानों को भी क्षति हो सकती है।जिला प्रशासन ने किसानों और खेतिहर मजदूरों से मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की है। खरीफ फसलों की कटाई के वर्तमान समय को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित और सूखे स्थान पर रख लें। यदि मौसम प्रतिकूल रहने की आशंका हो और कटाई आवश्यक नहीं हो, तो मौसम अनुकूल होने तक काम स्थगित रखना बेहतर होगा। सब्जियों और अन्य फसलों में फिलहाल अनावश्यक सिंचाई से बचने तथा खेतों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। जिला नियंत्रण कक्ष से कर सकते हैं संपर्क संभावित प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों की सहायता और घटनाओं की सूचना प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिला नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने या घटना की सूचना देने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06186-295027 पर संपर्क किया जा सकता है।  

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