घुरघुरा हनुमाननगर पंचायत चाइल्ड लेबर फ्री घोषित:सीतामढ़ी में लोकल लेवल पर जागरूकता अभियान का असर

घुरघुरा हनुमाननगर पंचायत चाइल्ड लेबर फ्री घोषित:सीतामढ़ी में लोकल लेवल पर जागरूकता अभियान का असर

सीतामढ़ी में अब बच्चों के हाथों से मजदूरी के औजार छीनकर उन्हें किताबें थमाने की मुहिम रंग ला रही है। बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में सोनबरसा प्रखंड की घुरघुरा हनुमाननगर पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया है। नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में पहले आर्थिक तंगी और जानकारी की कमी के कारण कई बच्चे स्कूल जाने की बजाय मजदूरी करते थे। टोटल 5 गांव की आबादी करीब 20 हजार प्रशासन के लगातार जागरूकता अभियान, निगरानी और स्थानीय लोगों की भागीदारी से अब हालात बदल गए हैं। बच्चों को स्कूल से जोड़ने और उनके परिवारों को बाल श्रम के नुकसान के बारे में जागरूक करने पर खास ध्यान दिया गया। घुरघुरा हनुमाननगर पंचायत में कुल पांच गांव हैं और इसकी आबादी करीब 20 हजार है। इतनी बड़ी आबादी वाली पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित करना प्रशासन की मुहिम के लिए खास माना जा रहा है। अन्य पंचायतों को भी चाइल्ड लेबर फ्री बनाने का टारगेट पंचायत के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आर्थिक मजबूरी के कारण कोई बच्चा दोबारा मजदूरी न करे। जिन बच्चों का बचपन कभी मजदूरी में गुजर रहा था, अब उनके हाथों में किताबें हैं और आंखों में बेहतर भविष्य के सपने हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की बाकी पंचायतों को भी इसी तरह बाल श्रम मुक्त बनाया जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ लगातार निगरानी और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। सीतामढ़ी में अब बच्चों के हाथों से मजदूरी के औजार छीनकर उन्हें किताबें थमाने की मुहिम रंग ला रही है। बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में सोनबरसा प्रखंड की घुरघुरा हनुमाननगर पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया है। नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में पहले आर्थिक तंगी और जानकारी की कमी के कारण कई बच्चे स्कूल जाने की बजाय मजदूरी करते थे। टोटल 5 गांव की आबादी करीब 20 हजार प्रशासन के लगातार जागरूकता अभियान, निगरानी और स्थानीय लोगों की भागीदारी से अब हालात बदल गए हैं। बच्चों को स्कूल से जोड़ने और उनके परिवारों को बाल श्रम के नुकसान के बारे में जागरूक करने पर खास ध्यान दिया गया। घुरघुरा हनुमाननगर पंचायत में कुल पांच गांव हैं और इसकी आबादी करीब 20 हजार है। इतनी बड़ी आबादी वाली पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित करना प्रशासन की मुहिम के लिए खास माना जा रहा है। अन्य पंचायतों को भी चाइल्ड लेबर फ्री बनाने का टारगेट पंचायत के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आर्थिक मजबूरी के कारण कोई बच्चा दोबारा मजदूरी न करे। जिन बच्चों का बचपन कभी मजदूरी में गुजर रहा था, अब उनके हाथों में किताबें हैं और आंखों में बेहतर भविष्य के सपने हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की बाकी पंचायतों को भी इसी तरह बाल श्रम मुक्त बनाया जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ लगातार निगरानी और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।  

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