औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड क्षेत्र के बौर गांव में शनिवार की शाम करंट लगने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों की मौत मौके पर ही हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों की पहचान बौर गांव निवासी नन्हक महतो के 65 वर्षीय पुत्र गोपाल प्रसाद और उनकी 60 वर्षीय पत्नी ऐरावंति देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी गई। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… बधार में टूटकर गिरा था 11 हजार वोल्ट का तार
मृतक के भतीजे सोनू कुमार ने बताया कि गांव के उत्तर दिशा में पंचायत सरकार भवन के समीप बधार में 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। शनिवार की शाम गोपाल प्रसाद और उनकी पत्नी ऐरावंति देवी जानवरों के लिए घास लाने बधार की ओर गए थे। इसी दौरान दोनों टूटे हुए बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय लोगों के अनुसार, खेत-बधार में बिजली का तार टूटकर गिरने की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। यही वजह रही कि दंपती अनजाने में घटनास्थल तक पहुंच गए। हादसे की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने घटना की सूचना रफीगंज थाना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही रफीगंज थाना के एसआई मिथलेश कुमार, एएसआई रामाअवधेश सिंह और पीटीसी राकेश राय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। बाद में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया गया। माता-पिता की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा एवं डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि गोपाल प्रसाद और ऐरावंति देवी के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके दोनों पुत्र धनंजय कुमार और मृत्युंजय कुमार मुंबई में अपने परिवार के साथ मजदूरी करते हैं। माता-पिता की मौत की सूचना मिलते ही दोनों मुंबई से गांव के लिए रवाना हो गए।वहीं, उनकी पुत्री संजू देवी के पति की करीब तीन वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। माता-पिता की मौत की खबर मिलने के बाद संजू देवी भी अपने ससुराल से मायके पहुंचीं। एक साथ माता-पिता की मौत से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना को लेकर बौर पंचायत के मुखिया विनय प्रसाद ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। मुखिया ने कहा कि परिवार के दो कमाने वाले सदस्यों की एक साथ मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए।रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेजा गया है। पुलिस घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है। बिजली का तार किस परिस्थिति में टूटकर जमीन पर गिरा और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड क्षेत्र के बौर गांव में शनिवार की शाम करंट लगने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों की मौत मौके पर ही हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों की पहचान बौर गांव निवासी नन्हक महतो के 65 वर्षीय पुत्र गोपाल प्रसाद और उनकी 60 वर्षीय पत्नी ऐरावंति देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी गई। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… बधार में टूटकर गिरा था 11 हजार वोल्ट का तार
मृतक के भतीजे सोनू कुमार ने बताया कि गांव के उत्तर दिशा में पंचायत सरकार भवन के समीप बधार में 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। शनिवार की शाम गोपाल प्रसाद और उनकी पत्नी ऐरावंति देवी जानवरों के लिए घास लाने बधार की ओर गए थे। इसी दौरान दोनों टूटे हुए बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय लोगों के अनुसार, खेत-बधार में बिजली का तार टूटकर गिरने की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। यही वजह रही कि दंपती अनजाने में घटनास्थल तक पहुंच गए। हादसे की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने घटना की सूचना रफीगंज थाना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही रफीगंज थाना के एसआई मिथलेश कुमार, एएसआई रामाअवधेश सिंह और पीटीसी राकेश राय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। बाद में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया गया। माता-पिता की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा एवं डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि गोपाल प्रसाद और ऐरावंति देवी के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके दोनों पुत्र धनंजय कुमार और मृत्युंजय कुमार मुंबई में अपने परिवार के साथ मजदूरी करते हैं। माता-पिता की मौत की सूचना मिलते ही दोनों मुंबई से गांव के लिए रवाना हो गए।वहीं, उनकी पुत्री संजू देवी के पति की करीब तीन वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। माता-पिता की मौत की खबर मिलने के बाद संजू देवी भी अपने ससुराल से मायके पहुंचीं। एक साथ माता-पिता की मौत से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना को लेकर बौर पंचायत के मुखिया विनय प्रसाद ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। मुखिया ने कहा कि परिवार के दो कमाने वाले सदस्यों की एक साथ मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए।रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेजा गया है। पुलिस घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है। बिजली का तार किस परिस्थिति में टूटकर जमीन पर गिरा और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

