घाघरा नदी खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर:गोंडा में कटान तेज, तरबगंज में 10 बीघा जमीन नदी में समाई; 2.86 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

घाघरा नदी खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर:गोंडा में कटान तेज, तरबगंज में 10 बीघा जमीन नदी में समाई; 2.86 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटीय इलाकों में कटान भी तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में तरबगंज तहसील क्षेत्र में किसानों की 10 बीघा से अधिक जमीन पर खड़ी गन्ने और धान की फसल नदी में समा गई। नदी के बढ़ते पानी और कटान को देखते हुए तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में फिर पलायन की चिंता बढ़ गई है। शनिवार सुबह 10 बजे घाघरा नदी में कुल 2,86,342 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें गिरजा बैराज से 1,34,435 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,59,878 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,029 क्यूसेक पानी शामिल है। पानी की लगातार आवक के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। तरबगंज क्षेत्र में घाघरा के कटान की रफ्तार बढ़ने से किसानों की जमीन नदी की धारा में कट रही है। पिछले 24 घंटे में कई किसानों की 10 बीघा से अधिक गन्ने और धान की फसल नदी में समा गई। कटान बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कई परिवार अपने फूस के अस्थायी मकान और चारा काटने वाली मशीन समेत जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो उनके घर भी कटान की चपेट में आ सकते हैं। तटबंधों के करीब पहुंची नदी, परक्यूपाइन भी बहे घाघरा नदी का पानी कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्रों में कई स्थानों पर तटबंधों के करीब पहुंच गया है। कटान रोकने के लिए लगाए गए परक्यूपाइन भी कई जगह नदी की तेज धारा में बह गए हैं। बाढ़ खंड विभाग की ओर से इन स्थानों पर दोबारा परक्यूपाइन लगाने का काम किया जा रहा है। बाढ़ खंड विभाग ने तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ चौकियों के माध्यम से 24 घंटे स्थिति पर नजर रखी जा रही है। CCTV कंट्रोल रूम से तटबंधों की निगरानी जिला आपदा कार्यालय में बनाए गए जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से तटबंधों पर लगे कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। आपदा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार स्थिति की जानकारी जुटा रहे हैं। प्रशासन की ओर से जरूरत वाले स्थानों पर नावों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बाढ़ या कटान की स्थिति में ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी न हो। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक अभी किसी गांव के अंदर बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा तरबगंज एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ स्थानों पर कटान की सूचना मिली है। नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। आपदा विभाग और शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार प्रभावित लोगों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर नाव की जरूरत है, वहां नाव की व्यवस्था कर दी गई है। फिलहाल किसी गांव के अंदर पानी नहीं गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *