सहरसा की बरियाही गौशाला में लगातार गायों की मौत और कथित बदहाल व्यवस्था के विरोध में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल, गौसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 10 बजे बरियाही-बनगांव मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दो गायों की मौत के बाद फूटा गुस्सा प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गौशाला में मौजूद करीब 20 गायों में से अब तक पांच की मौत हो चुकी है। बुधवार से एक दिन पहले भी इलाज और देखरेख के अभाव में दो गायों की मौत होने का दावा किया गया। इसके बाद गौसेवकों और ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। 5 महीने पहले मिला था लिखित आश्वासन प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब पांच महीने पहले गौशाला की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ भूख हड़ताल की गई थी। उस समय जिला प्रशासन ने बाउंड्री वॉल बनवाने, नियमित चारा और इलाज की व्यवस्था करने, गौसेवकों को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय देने और संचालन समिति गठित करने का लिखित आश्वासन दिया था। आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। ‘कागजों तक सीमित रह गए प्रशासन के वादे’ आरोप है कि पांच महीने बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से किए गए वादों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। गौसेवकों का कहना है कि उन्हें पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है। चारा, भूसा, दवा और गायों की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय युवाओं और हिंदू संगठनों को उठानी पड़ रही है। गौशाला फंड में पैसे, फिर भी बदहाल व्यवस्था विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गौशाला के खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद गायों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने गौशाला के फंड से होने वाले आय-व्यय का सार्वजनिक और पारदर्शी हिसाब देने की मांग की है। अधिकारी पहुंचे, लिखित आश्वासन की मांग सड़क जाम की सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी निरंजन मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही सड़क जाम खत्म किया जाएगा। डीएम से निरीक्षण और स्थायी समाधान की मांग प्रदर्शनकारियों ने डीएम से गौशाला का स्वयं निरीक्षण करने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में दोनों गौसेवकों का पांच महीने का बकाया मानदेय देना, हरा चारा-भूसा-चोकर और शुद्ध पानी की नियमित व्यवस्था, बाउंड्री वॉल का निर्माण, नियमित पशु चिकित्सक व दवाओं की उपलब्धता और संचालन समिति का गठन शामिल है। इसके अलावा गौशाला फंड के आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की भी मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। इन लोगों ने संभाली आंदोलन की कमान प्रदर्शन का नेतृत्व विहिप जिला मंत्री प्रणव मिश्रा, बजरंग दल जिला संयोजक मानस मिश्रा, नगर संयोजक मोनू सिंह और जिला सेवा प्रमुख रोहन केशरी ने किया। मौके पर बड़ी संख्या में गौसेवक, संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सहरसा की बरियाही गौशाला में लगातार गायों की मौत और कथित बदहाल व्यवस्था के विरोध में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल, गौसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 10 बजे बरियाही-बनगांव मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दो गायों की मौत के बाद फूटा गुस्सा प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गौशाला में मौजूद करीब 20 गायों में से अब तक पांच की मौत हो चुकी है। बुधवार से एक दिन पहले भी इलाज और देखरेख के अभाव में दो गायों की मौत होने का दावा किया गया। इसके बाद गौसेवकों और ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। 5 महीने पहले मिला था लिखित आश्वासन प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब पांच महीने पहले गौशाला की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ भूख हड़ताल की गई थी। उस समय जिला प्रशासन ने बाउंड्री वॉल बनवाने, नियमित चारा और इलाज की व्यवस्था करने, गौसेवकों को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय देने और संचालन समिति गठित करने का लिखित आश्वासन दिया था। आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। ‘कागजों तक सीमित रह गए प्रशासन के वादे’ आरोप है कि पांच महीने बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से किए गए वादों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। गौसेवकों का कहना है कि उन्हें पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है। चारा, भूसा, दवा और गायों की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय युवाओं और हिंदू संगठनों को उठानी पड़ रही है। गौशाला फंड में पैसे, फिर भी बदहाल व्यवस्था विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गौशाला के खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद गायों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने गौशाला के फंड से होने वाले आय-व्यय का सार्वजनिक और पारदर्शी हिसाब देने की मांग की है। अधिकारी पहुंचे, लिखित आश्वासन की मांग सड़क जाम की सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी निरंजन मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही सड़क जाम खत्म किया जाएगा। डीएम से निरीक्षण और स्थायी समाधान की मांग प्रदर्शनकारियों ने डीएम से गौशाला का स्वयं निरीक्षण करने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में दोनों गौसेवकों का पांच महीने का बकाया मानदेय देना, हरा चारा-भूसा-चोकर और शुद्ध पानी की नियमित व्यवस्था, बाउंड्री वॉल का निर्माण, नियमित पशु चिकित्सक व दवाओं की उपलब्धता और संचालन समिति का गठन शामिल है। इसके अलावा गौशाला फंड के आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की भी मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। इन लोगों ने संभाली आंदोलन की कमान प्रदर्शन का नेतृत्व विहिप जिला मंत्री प्रणव मिश्रा, बजरंग दल जिला संयोजक मानस मिश्रा, नगर संयोजक मोनू सिंह और जिला सेवा प्रमुख रोहन केशरी ने किया। मौके पर बड़ी संख्या में गौसेवक, संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

