गोमती नदी में आई बाढ़ का पानी उतरने के बाद रिवर फ्रंट से लेकर उपवन पार्क और झूलेलाल पार्क तक तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। जिन जगहों पर कुछ दिन पहले तक लोग घूमने, बैठने और परिवार के साथ समय बिताने पहुंचते थे, वहां अब मिट्टी, कीचड़ और गाद जमा है। रिवर फ्रंट पर लगाए गए महंगी कंपनियों के स्पीकर और लाइटें खराब हो गई हैं। बाढ़ का पानी घुसने से लाखों की ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीने खराब हो गई हैं। पाथ-वे, पेड़-पौधे, घास और हेज तक मिट्टी से पटे हैं। झूलों पर गाद जम गई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान शुरू कराया है। हालांकि, इन जगहों को पहले जैसी स्थिति में लाने में कम से कम एक सप्ताह लगने का अनुमान है। देखिए 3 तस्वीरें… रिवर फ्रंट पर सुविधाएं खराब, पाथ-वे पर कीचड़ रिवर फ्रंट के बड़े हिस्से में पानी भरने से यहां की खूबसूरती प्रभावित हुई है। महंगे स्पीकर और लाइटें खराब हो गई है। रास्तों पर मिट्टी और कीचड़ जमा होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। कई जगह वाहन फिसलने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सफाई में लगी मशीनों और कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। मरम्मत पूरी होने के बाद लोगों के लिए खुलेगा LDA की टीमें मशीनों की मदद से रास्तों पर जमा मिट्टी हटाने में जुटी हैं। पंप से पानी डालकर पाथ-वे, पेड़-पौधों और अन्य हिस्सों की धुलाई की जा रही है। शुरुआती आकलन में बड़े पेड़ों को नुकसान नहीं होने की बात सामने आई है। प्रभावित हिस्से को फिलहाल आम लोगों के लिए बंद रखा गया है। सफाई, धुलाई और जरूरी मरम्मत पूरी होने के बाद इसे खोलने पर फेैसला लिया जाएगा। उपवन पार्क में बड़ी मशीनों से हटाई जा रही मिट्टी रिवर फ्रंट से आगे बढ़ने पर उपवन पार्क में भी बाढ़ के बाद की स्थिति दिखाई दी। यहां से पानी तो उतर गया है, लेकिन बड़े हिस्से में मिट्टी और कीचड़ जमा है। इसे हटाने के लिए LDA ने बड़ी मशीनें लगाई हैं। मशीनों की मदद से यहां भी गाद हटाने और परिसर को साफ करने का काम किया जा रहा है, ताकि पार्क को जल्द से जल्द दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जा सके। 15 दिन बाद श्रद्धालुओं के लिए खुला खाटू श्याम मंदिर गोमती में आई बाढ़ का असर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर देखने को मिला। हनुमत धाम, चंद्रिका देवी मंदिर और खाटू श्याम मंदिर भी बाढ़ के चलते बंद कर दिया गया। करीब 15 दिन तक बंद रहने के बाद खाटू श्याम मंदिर को सोमवार से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, परिसर में सफाई और मरम्मत का काम अब भी चल रहा है। परिसर में लगे पत्थर टूटे, कई जगह नुकसान मंदिर के व्यवस्थापक शिवम दुबे ने बताया कि बाढ़ का पानी भरने से पूरा परिसर प्रभावित हुआ। परिसर में लगे पत्थर टूट गए और कई जगह नुकसान हुआ। गौशाला भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिसकी मरम्मत कराई जा रही है। मंदिर की 50 से अधिक गायों को फिलहाल पार्किंग में जगह दी गई है। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद गौशाला को दोबारा शुरू किया जाएगा। झूलेलाल पार्क में सफाई के साथ मूर्ति विसर्जन की तैयारी झूलेलाल पार्क में भी LDA की टीमें बड़ी मशीनों से सफाई कर रही हैं। यहां जमा मिट्टी और कीचड़ हटाने का काम जारी है। दूसरी तरफ, दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए खाली स्थान पर गड्ढा खोदा जा रहा है। इसके जरिए प्रतिमाओं को सीधे गोमती नदी में विसर्जित करने के बजाय निर्धारित स्थान पर विसर्जित करने की व्यवस्था की जाएगी। सफाई के बाद ही लौटेगी रौनक बाढ़ का पानी उतरने के बाद इन इलाकों में सफाई और मरम्मत सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिवर फ्रंट की खराब हुई सुविधाओं को दुरुस्त करने, पार्कों से मिट्टी हटाने और मंदिर परिसर को व्यवस्थित करने में समय लगेगा। एलडीए के सामने अब प्रभावित हिस्सों को साफ करने के साथ उनकी मूल स्थिति बहाल करने की चुनौती है। फिलहाल मशीनों और कर्मचारियों की मदद से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। रिवर फ्रंट के प्रभावित हिस्से को आम लोगों के लिए खोलने का फैसला काम पूरा होने के बाद लिया जाएगा। …………………….. ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में श्रद्धालुओं से भरी कार पलटी, 2 की मौत:चंद्रिका देवी से मुंडन कराकर लौट रहे थे; गाड़ी के परखच्चे उड़े लखनऊ में चंद्रिका देवी मंदिर से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी महिंद्रा जायलो कार पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई। 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी निगोहां के रहने वाले हैं और मुंडन कराकर लौट रहे थे। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को गाड़ी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिवार वाले पहुंच गए। पढ़िए पूरी खबर

