गोपालगंज पुलिस ने उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना बाजार स्थित जामा मस्जिद के इमाम शेख सफीक खान हत्याकांड का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बुधवार देर शाम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग ने पंचायत में मिलने वाली सजा से बचने के लिए इमाम की हत्या की थी। पूछताछ में नाबालिग ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले इमाम का मोबाइल और कुछ रुपये चोरी हुए थे। मोबाइल की बिक्री के दौरान उसकी पहचान हो गई थी, जिसके बाद नाबालिग पर चोरी का संदेह सामने आया। बताया गया कि सोमवार सुबह मुस्लिम समाज के बीच पंचायत कर नाबालिग को सजा देने की तैयारी थी। इसी से बचने के लिए उसने इमाम की हत्या की योजना बनाई। रात में मस्जिद में घुसकर किया हमला घटना रविवार रात की है। गर्मी और बारिश के कारण इमाम शेख सफीक खान खाना खाने के बाद मस्जिद के टीनशेड वाले बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। पुलिस के अनुसार, रात करीब एक बजे नाबालिग मस्जिद की चारदीवारी फांदकर अंदर पहुंचा और धारदार कैंची से सो रहे इमाम पर हमला कर दिया। गर्दन और शरीर पर कई वार पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग ने सबसे पहले इमाम की गर्दन पर दो बार हमला किया, ताकि वह शोर न मचा सकें। इसके बाद पेट और पीठ पर करीब 10 बार वार किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद नाबालिग ने कैंची को धोया और खून के निशान मिटाने की कोशिश की। इसके बाद मस्जिद में पढ़ी जाने वाली पुस्तक के कई पन्ने फाड़कर गांव से बाहर चंवर में ले गया। वहां कागज जलाकर अपने पहने हुए कपड़े को भी जलाने का प्रयास किया। इसके बाद वह घर लौटकर सो गया। सीसीटीवी और पुराने विवाद से पुलिस को मिला सुराग सोमवार सुबह मस्जिद से अजान नहीं होने पर ग्रामीण वहां पहुंचे। इमाम का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के क्लीनिक में लगे सीसीटीवी फुटेज और एक सप्ताह पहले हुई मोबाइल चोरी की घटना को जांच का आधार बनाया। इसके बाद मस्जिद के पास रहने वाले नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें मामले का खुलासा हुआ। अधजले कपड़े और कैंची बरामद एसपी विनय तिवारी ने बताया कि नाबालिग की निशानदेही पर घटना के दौरान पहने गए अधजले कपड़े और हत्या में इस्तेमाल की गई कैंची बरामद कर ली गई है। पुलिस ने नाबालिग को निरुद्ध कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शव उठाने को लेकर ग्रामीणों ने किया था विरोध घटना के बाद जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने एसपी को बुलाने की मांग करते हुए शव उठाने से रोक दिया था। मृतक के परिजनों से एसपी की मोबाइल पर बातचीत और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। प्रेसवार्ता के दौरान हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, दरोगा आनंद कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। गोपालगंज पुलिस ने उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना बाजार स्थित जामा मस्जिद के इमाम शेख सफीक खान हत्याकांड का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बुधवार देर शाम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग ने पंचायत में मिलने वाली सजा से बचने के लिए इमाम की हत्या की थी। पूछताछ में नाबालिग ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले इमाम का मोबाइल और कुछ रुपये चोरी हुए थे। मोबाइल की बिक्री के दौरान उसकी पहचान हो गई थी, जिसके बाद नाबालिग पर चोरी का संदेह सामने आया। बताया गया कि सोमवार सुबह मुस्लिम समाज के बीच पंचायत कर नाबालिग को सजा देने की तैयारी थी। इसी से बचने के लिए उसने इमाम की हत्या की योजना बनाई। रात में मस्जिद में घुसकर किया हमला घटना रविवार रात की है। गर्मी और बारिश के कारण इमाम शेख सफीक खान खाना खाने के बाद मस्जिद के टीनशेड वाले बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। पुलिस के अनुसार, रात करीब एक बजे नाबालिग मस्जिद की चारदीवारी फांदकर अंदर पहुंचा और धारदार कैंची से सो रहे इमाम पर हमला कर दिया। गर्दन और शरीर पर कई वार पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग ने सबसे पहले इमाम की गर्दन पर दो बार हमला किया, ताकि वह शोर न मचा सकें। इसके बाद पेट और पीठ पर करीब 10 बार वार किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद नाबालिग ने कैंची को धोया और खून के निशान मिटाने की कोशिश की। इसके बाद मस्जिद में पढ़ी जाने वाली पुस्तक के कई पन्ने फाड़कर गांव से बाहर चंवर में ले गया। वहां कागज जलाकर अपने पहने हुए कपड़े को भी जलाने का प्रयास किया। इसके बाद वह घर लौटकर सो गया। सीसीटीवी और पुराने विवाद से पुलिस को मिला सुराग सोमवार सुबह मस्जिद से अजान नहीं होने पर ग्रामीण वहां पहुंचे। इमाम का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के क्लीनिक में लगे सीसीटीवी फुटेज और एक सप्ताह पहले हुई मोबाइल चोरी की घटना को जांच का आधार बनाया। इसके बाद मस्जिद के पास रहने वाले नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें मामले का खुलासा हुआ। अधजले कपड़े और कैंची बरामद एसपी विनय तिवारी ने बताया कि नाबालिग की निशानदेही पर घटना के दौरान पहने गए अधजले कपड़े और हत्या में इस्तेमाल की गई कैंची बरामद कर ली गई है। पुलिस ने नाबालिग को निरुद्ध कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शव उठाने को लेकर ग्रामीणों ने किया था विरोध घटना के बाद जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने एसपी को बुलाने की मांग करते हुए शव उठाने से रोक दिया था। मृतक के परिजनों से एसपी की मोबाइल पर बातचीत और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। प्रेसवार्ता के दौरान हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, दरोगा आनंद कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

