पंचायती राज चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने नियमों और व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और सुगम बनाने के लिए आयोग ने दिशा-निर्देश जारी किए है। नए आदेश के तहत पंच पद के लिए पोलिंग एजेंट नही होगा। खुद प्रत्याशी को ही कमान संभालनी होगी। इसी तरह सरपंच पद के उम्मीदवार पोलिंग एजेंट तो बना सकेंगे, लेकिन उनको इलेक्शन एजेंट रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग के इस फैसले से चुनाव में बेवजह की भीड़ और अनावश्यक तनाव पर लगाम लगेगी। सरपंच पद के चुनाव के लिए नियमों में आंशिक राहत और शर्तें तय की गई है। सरपंच पद के उम्मीदवार अपने पक्ष की निगरानी के लिए मतदान केंद्र पर पोलिंग एजेंट बना सकेंगे, जो बूथ के भीतर बैठकर पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकें। हालांकि सरपंच पद के लिए कोई भी निर्वाचन अभिकर्ता (इलेक्शन एजेंट) नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। { वार्ड पंच पद के चुनाव को लेकर है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वार्ड पंच पद के लिए अलग से किसी भी पोलिंग एजेंट की नियुक्ति नहीं की जाएगी। वार्ड स्तर पर चूंकि मतदाता और कार्यक्षेत्र सीमित होता है, इसलिए पंच पद के प्रत्याशी को स्वयं ही पोलिंग बूथ पर कमान संभालनी होगी। प्रत्याशी खुद मतदान केंद्र के भीतर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और मतदाता की पहचान व मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इसके लिए किसी अन्य व्यक्ति को अधिकृत करने की अनुमति नहीं होगी।

