पटना लाठीचार्ज के विरोध में AISU का प्रोटेस्ट:मधेपुरा में मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया, न्याय की मांग

पटना लाठीचार्ज के विरोध में AISU का प्रोटेस्ट:मधेपुरा में मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया, न्याय की मांग

पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISU) ने बुधवार को मधेपुरा के भूपेंद्र चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन को और उग्र करने की दी चेतावनी AISU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. मुरारी ने कहा कि पटना में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज लोकतंत्र और छात्र अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेता गौतम आनंद पर पुलिस ने हमला किया, जिससे उनके सिर में 13 टांके लगे हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मुरारी ने मांग की कि सरकार गौतम आनंद के बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाए, उन्हें न्याय दिलाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा दे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा संगठन प्रदेश अध्यक्ष ई. अंशु यादव ने सरकार से बीपीएससी, पीएचडी स्कॉलर और एसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनुचित है। यादव ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक संगठन सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। ”छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता” उन्होंने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने और मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर सहित तमाम छात्रों की मांगों का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं मिलता, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISU) ने बुधवार को मधेपुरा के भूपेंद्र चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन को और उग्र करने की दी चेतावनी AISU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. मुरारी ने कहा कि पटना में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज लोकतंत्र और छात्र अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेता गौतम आनंद पर पुलिस ने हमला किया, जिससे उनके सिर में 13 टांके लगे हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मुरारी ने मांग की कि सरकार गौतम आनंद के बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाए, उन्हें न्याय दिलाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा दे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा संगठन प्रदेश अध्यक्ष ई. अंशु यादव ने सरकार से बीपीएससी, पीएचडी स्कॉलर और एसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनुचित है। यादव ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक संगठन सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। ”छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता” उन्होंने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने और मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर सहित तमाम छात्रों की मांगों का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं मिलता, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।  

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