गुरुग्राम में युवराज मर्डर केस में खुलासा:कॉल डिटेल और नए सिम ने खोला राज, पूर्व महिला सहकर्मी और उसका दोस्त गिरफ्तार

गुरुग्राम में युवराज मर्डर केस में खुलासा:कॉल डिटेल और नए सिम ने खोला राज, पूर्व महिला सहकर्मी और उसका दोस्त गिरफ्तार

गुरुग्राम में 10 सितंबर को सेक्टर-70 के नाले से अज्ञात शव मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। युवक की पहचान युवराज सिंह मनचंदा सरिता विहार दिल्ली का रहने वाला था और गुरुग्राम सेक्टर-29 स्थित अडानी रियल्टी कंपनी में मैनेजर था। पुलिस ने उसकी पूर्व सहकर्मी अनन्या वत्स और उसके लीव इन पार्टनर संयम सचदेवा को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। युवराज सिंह मनचंदा 6 सितंबर को अपनी बहन के साथ लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में शॉपिंग करने गया था। इसके बाद दोनों लाजपत नगर-2 के K-Block स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे। शाम करीब 4 बजे युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उसकी गुरुग्राम में एक मीटिंग है और वह रात करीब 10 बजे तक वापस घर आ जाएगा। लेकिन युवराज रात तक घर नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद मिलने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। पांच दिन तक भी सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने 11 सितंबर को शाम करीब 4:15 बजे लाजपत नगर थाने में उसके लापता होने की शिकायत दी। आखिरी बार अनन्‍या से हुई थी बात जांच के दौरान पुलिस ने युवराज के मोबाइल से जुड़े सीडीआर और आईपीडीआर रिकॉर्ड की जांच की। जिससे पता चला कि युवराज ने अपनी पूर्व ऑफिस सहकर्मी अनन्या वत्स से बात की थी। परिवार से बातचीत में भी यह बात सामने आई कि युवराज ने बताया था कि वह गुरुग्राम में अनन्या से मिलने जा रहा है। इसके बाद पुलिस के लिए अन्या को खोजना शुरू किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। पुलिस ने युवराज और अनन्या के ऑफिस से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई गई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस का शक पूरी तरह से अनन्या वत्स पर केंद्रित हो गया। हत्या के बाद नया सिम खरीदा इसी दौरान पुलिस को पता चला कि अनन्या एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस ने इस नंबर के कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन खंगालना शुरू कर दिया। जिसके बाद अनन्‍या की लोकेशन पुलिस के हाथ लग गई। उत्तराखंड से पकड़ा पुलिस के मुताबिक नए मोबाइल नंबर की जांच से अनन्या की लोकेशन उत्तराखंड में मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम उत्तराखंड पहुंची। वहां पुलिस ने अनन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को ट्रेस कर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान अन्या और संयम ने युवराज सिंह मनचंदा की हत्या में हाथ होने की बात कबूल ली। आरोपियों ने यह भी बताया कि हत्या के बाद युवराज के शव को गुरुग्राम में उनके घर के पास एक नाले में फेंक दिया गया था। इसके बाद दिल्‍ली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया तो गुरुवार को अज्ञात शव की पहचान की गई।

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