गुरुग्राम के वीआईपी इलाकों में शुमार सिविल लाइन में एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में चोरों ने घुसकर हजारों रुपए के सामान पर हाथ साफ कर लिया। हाई-सिक्योरिटी जोन होने के बावजूद चोरों ने न सिर्फ यहां करीब ढाई घंटे का वक्त बिताया, बल्कि वारदात के दौरान एक चोर ने ऑफिस का एसी चलाकर वहां इत्मीनान से दो घंटे की नींद भी ली। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि चोरों ने सबसे पहले फाइनेंस कंपनी के मुख्य दरवाजे के लॉक को तोड़ा। महज आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने मुख्य दरवाजे का मजबूत ताला तोड़ दिया और ऑफिस के भीतर दाखिल हो गए। दफ्तर के अंदर कदम रखते ही चोर की नजर वहां स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति पर पड़ी। चोरी जैसी संगीन वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले, चोर ने बेहद श्रद्धा भाव से भगवान गणेश की मूर्ति के सामने हाथ जोड़े, सिर झुकाया और मानो अपनी इस करतूत के लिए भगवान से एडवांस में माफी मांगी। पेचकस-हथौड़े से तोड़ा लॉकर
भगवान के सामने हाथ जोड़ने के तुरंत बाद चोर ने अपने पास मौजूद पेचकस और हथौड़े का इस्तेमाल कर ऑफिस के केबिन और दराजों (ड्रायर्स) को तोड़ना शुरू कर दिया। चोरों ने लॉकर को पेंचकस और हथौड़े की मदद से कबाड़ में तब्दील कर दिया और उसमें रखे कीमती सामान, दस्तावेज और मोबाइल फोन पर हाथ साफ कर दिया। पूजा की मूर्तियां भी समेटीं हैरान करने वाली बात यह रही कि ऑफिस के सामान के साथ-साथ चोर पूजा स्थल पर रखीं तांबे की पवित्र मूर्तियां भी अपने साथ बटोर ले गए। जाते-जाते चोर अपने दो पेचकस वहीं मौके पर ही छोड़ गए। एसी चलाकर सो गया चोर, पुलिस कार्यप्रणाली से नाराज मालिक ने नहीं की शिकायत
इस पूरी वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि चोरी की रकम और सामान समेटने के बाद चोर को जरा भी खौफ नहीं था। उसने ऑफिस का एयर कंडीशनर (AC) ऑन किया, वहां रखे सोफे पर लेटा और करीब दो घंटे तक इत्मीनान से गहरी नींद सोई। नींद पूरी होने के बाद वह बड़े आराम से सामान समेटकर रफूचक्कर हो गया। इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब फाइनेंस ऑफिस के मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया। मालिक का कहना है कि कुछ समय पहले भी उनके इसी कार्यालय में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी। उस दौरान पुलिस में बकायदा एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो चोरों का सुराग लगा पाई और न ही कोई सामान बरामद हो सका। पुलिस की इसी ढीली कार्यप्रणाली और उदासीन रवैये से नाराज होकर पीड़ित व्यवसायी ने इस बार पुलिसिया झंझट से दूरी बना ली। उन्होंने पुलिस में कंप्लेंट करने के बजाय अपने स्तर पर ही दफ्तर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और निजी स्तर पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने का फैसला किया है। बहरहाल, वीआईपी इलाके में हुई इस बेखौफ चोरी और चोर के सोने का वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

