गुमला में 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण, डीडीसी ने किट बांटे

गुमला में 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण, डीडीसी ने किट बांटे

गुमला|गुमला के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और विकास भारती बिशुनपुर में जिला उद्यान विभाग की ओर से प्रायोजित 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण कार्यक्रम में आज जिला उपविकास आयुक्त अनिमेश रंजन तथा जिला उद्यान पदाधिकारी तमन्ना प्रवीण ने प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत की। अधिकारियों ने प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा की। प्रतिभागियों को बागवानी-आधारित स्वरोजगार से जुड़ने की सलाह दी। अनिमेश रंजन ने कहा कि कटिंग, लेयरिंग, बडिंग तथा ग्राफ्टिंग जैसी तकनीकों से आय-सृजन के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि सीखी गई विधियों को गांव स्तर पर अपनाएं। नर्सरी तथा पौध उत्पादन जैसे कार्यों में आगे बढ़ें। तमन्ना प्रवीण ने फूलों की खेती, ग्राफ्टिंग, पोटिंग, डी-पोटिंग तथा री-पोटिंग की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों को व्यवसाय के रूप में अपनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार तैयार किया जा सकता है। केवीके के उद्यान वैज्ञानिक सुनील कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान प्रोट्रे नर्सरी में पौध उगाने, नर्सरी निर्माण, गुलदस्ता निर्माण, संरक्षित पौधशाला, तथा पौध प्रवर्धन तकनीक पर जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान उपविकास आयुक्त ने केवीके की श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई का भी निरीक्षण किया। वहां इकाई के कामकाज तथा संचालन से जुड़ी जानकारी दी गई। इसके बाद प्रशिक्षणार्थियों के बीच माली किट का वितरण किया गया। गुमला|गुमला के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और विकास भारती बिशुनपुर में जिला उद्यान विभाग की ओर से प्रायोजित 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण कार्यक्रम में आज जिला उपविकास आयुक्त अनिमेश रंजन तथा जिला उद्यान पदाधिकारी तमन्ना प्रवीण ने प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत की। अधिकारियों ने प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा की। प्रतिभागियों को बागवानी-आधारित स्वरोजगार से जुड़ने की सलाह दी। अनिमेश रंजन ने कहा कि कटिंग, लेयरिंग, बडिंग तथा ग्राफ्टिंग जैसी तकनीकों से आय-सृजन के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि सीखी गई विधियों को गांव स्तर पर अपनाएं। नर्सरी तथा पौध उत्पादन जैसे कार्यों में आगे बढ़ें। तमन्ना प्रवीण ने फूलों की खेती, ग्राफ्टिंग, पोटिंग, डी-पोटिंग तथा री-पोटिंग की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों को व्यवसाय के रूप में अपनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार तैयार किया जा सकता है। केवीके के उद्यान वैज्ञानिक सुनील कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान प्रोट्रे नर्सरी में पौध उगाने, नर्सरी निर्माण, गुलदस्ता निर्माण, संरक्षित पौधशाला, तथा पौध प्रवर्धन तकनीक पर जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान उपविकास आयुक्त ने केवीके की श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई का भी निरीक्षण किया। वहां इकाई के कामकाज तथा संचालन से जुड़ी जानकारी दी गई। इसके बाद प्रशिक्षणार्थियों के बीच माली किट का वितरण किया गया।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *