जीएसटी सुधारों से व्यापारियों और उद्योग जगत को मिलेगी राहत : कसेरा

जीएसटी सुधारों से व्यापारियों और उद्योग जगत को मिलेगी राहत : कसेरा

गुमला| चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दामोदर कसेरा ने जीएसटी व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के प्रयासों के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से देश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और छोटे कारोबारियों को मानसिक व कानूनी उलझनों से मुक्ति मिलेगी।​ दामोदर कसेरा ने बताया कि जीएसटी में 12 प्रमुख प्रस्तावित फैसलों से व्यापारिक माहौल बेहतर होगा। छोटी गड़बड़ियों पर कठोर कार्रवाई से राहत मिलेगी। कर चोरी के आपराधिक मामलों की सीमा बढ़ाकर 5 करोड़ करने का प्रस्ताव है। रिफंड अवधि कम करने का प्रस्ताव है। आपूर्तिकर्ता द्वारा कर जमा न करने पर भी वास्तविक खरीदार के हितों की रक्षा होगी। बॉयोमेट्रिक सत्यापन से फर्जी पंजीकरण पर रोक लगेगी। ​10 हजार से कम की कर मांग पर शो-कॉज नोटिस से राहत मिलेगी। कर्मचारी बीमा, टेलीकॉम टावर, पाइपलाइन, कैटरिंग-होटल और एक्सपायर्ड सामान पर आईटीसी प्रावधानों में ढील मिलेगी। फूड डिलीवरी शुल्क पर कर दर में कमी का प्रस्ताव है। रीट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर पांच प्रतिशत जीएसटी का प्रस्ताव है। ​उन्होंने कहा कि व्यापार अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जीएसटी सुधारों का मुख्य उद्देश्य केवल कर संग्रह बढ़ाना नहीं है। इसका उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है। सरकार यदि इन नियमों को जमीनी स्तर पर पारदर्शी तरीके से लागू करती है, तो इससे छोटे कारोबारियों का विश्वास मजबूत होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। गुमला| चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दामोदर कसेरा ने जीएसटी व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के प्रयासों के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से देश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और छोटे कारोबारियों को मानसिक व कानूनी उलझनों से मुक्ति मिलेगी।​ दामोदर कसेरा ने बताया कि जीएसटी में 12 प्रमुख प्रस्तावित फैसलों से व्यापारिक माहौल बेहतर होगा। छोटी गड़बड़ियों पर कठोर कार्रवाई से राहत मिलेगी। कर चोरी के आपराधिक मामलों की सीमा बढ़ाकर 5 करोड़ करने का प्रस्ताव है। रिफंड अवधि कम करने का प्रस्ताव है। आपूर्तिकर्ता द्वारा कर जमा न करने पर भी वास्तविक खरीदार के हितों की रक्षा होगी। बॉयोमेट्रिक सत्यापन से फर्जी पंजीकरण पर रोक लगेगी। ​10 हजार से कम की कर मांग पर शो-कॉज नोटिस से राहत मिलेगी। कर्मचारी बीमा, टेलीकॉम टावर, पाइपलाइन, कैटरिंग-होटल और एक्सपायर्ड सामान पर आईटीसी प्रावधानों में ढील मिलेगी। फूड डिलीवरी शुल्क पर कर दर में कमी का प्रस्ताव है। रीट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर पांच प्रतिशत जीएसटी का प्रस्ताव है। ​उन्होंने कहा कि व्यापार अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जीएसटी सुधारों का मुख्य उद्देश्य केवल कर संग्रह बढ़ाना नहीं है। इसका उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है। सरकार यदि इन नियमों को जमीनी स्तर पर पारदर्शी तरीके से लागू करती है, तो इससे छोटे कारोबारियों का विश्वास मजबूत होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।  

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