गाजियाबाद में दीपावली पर्व पहले ही जाम लगना शुरू हो गया है। शनिवार को सुबह से ही जाम लगना शुरू हुआ। जहां आड़े तिरछे वाहनों से लोग परेशान हैं। लालकुआ से लेकर कोतवाली थाने तक भी आड़े तिरछे वाहन जाम में फंसे रहे। डासना कट पर भी वाहनों का यही हाल रहा। जहां मेरठ रोड तिराहा और कलेक्ट्रेट रोड पर भी यही हाल है। विजयनगर में भीषण जाम की स्थिति रही। शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर भी नदारद दिखे। लालकुआ जैसा सबसे व्यवस्त चौराहे पर पर दोपहर के 12 बजे सिर्फ एक सिपाही ही ट्रैफिक को संभालता दिखा। रोडवेज बस अड्डों के बाहर बीच सड़क पर बसों से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। तस्वीरों में देखिए जाम सड़क और चौराहों पर बनवा दी पार्किंग लालकुआ चौराहे पर सबसे अधिक रोडवेज बसों और ट्रकों का आवागमन होता है। जहां सर्विस रोड पर बारिश का जलभराव आज भी रहा। यहां बीच चौराहे और सड़क पर ऑटो, ई रिक्शा खड़े किए जा रहे हैं। न तो थाना पुलिस इन वाहनों पर कार्रवाई कर रही, जबकि ट्रैफिक पुलिस सिर्फ दो पहिया वाहनों को रोकर हेलमेट और कागज चैक करती है। लालकुआ से होकर बुलंदशहर, नोएडा, दादरी और दिल्ली आने जाने वाले वाहनों का आवागमन होता है। चहां चारों तरफ सड़क पर बेढंगी व्यवस्था से आम जनता और वाहन चालक परेशान हैं। ना ही ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो ई रिक्शा का प्लान बनाया। पुलिस की गाड़ियां भी बीच सड़क पर कोतवाली के सामने यहां अधिकारियों के कार्यालय है, इसके बाद भी बीच सड़क पर पुलिस की प्राइवेट गाड़ियों को डबल लाइन में पार्क किया जा रहा है, जहां गाड़ियों में पुलिस की केप डेसबोर्ड पर रखी दिखीं। पुलिस न तो इन गाड़ियों को हटवाती और ना ही चालान काटती। नो एंट्री में बीच शहर में भारी वाहन पहुंच रहे हैं। 30 ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत 800 पुलिसकर्मी गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में सबसे अधिक मैनपावर है। यहां 11 ट्रैफिक के मुख्य इंस्पेक्टर हैं। जबकि 19 टीएसआई अभी प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बने हैं। कुल 30 इंस्पेक्टर फील्ड में हैं, जबकि 120 दरोगा हैं। इनके अलावा 600 से अधिक कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल हैं।

