गाजा में हत्याओं को लेकर बेन-ग्विर के बयान पर बवाल, अमेरिकी सांसद ने मांगा इस्तीफा

गाजा में हत्याओं को लेकर बेन-ग्विर के बयान पर बवाल, अमेरिकी सांसद ने मांगा इस्तीफा

Israeli Minister Statement: गाजा में जारी जंग के बीच इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के एक विवादित बयान ने दुनिया भर में हंगामा मचा दिया है। मंत्री ने कहा था कि इजरायली सेना को गाजा में हर रात 30 से 40 लोगों को मार देना चाहिए, चाहे वे उस वक्त कोई खतरा पैदा कर रहे हों या नहीं। उनके इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अमेरिकी सीनेटर जैकी रोसेन ने बेन-ग्विर से तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपने मंत्री के इस बयान की खुले तौर पर निंदा करने का अपील की है।

अमेरिकी सीनेटर ने उठाई इस्तीफे की मांग

अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर जैकी रोसेन ने इजरायली मंत्री के इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए सीनेटर रोसेन ने साफ कहा कि इतामार बेन-ग्विर को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

पीएम नेतन्याहू से निंदा की अपील

जैकी रोसेन ने सिर्फ मंत्री के इस्तीफे की मांग ही नहीं की, बल्कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी सख्त कदम उठाने को कहा है। उन्होंने नेतन्याहू से अपील की कि वे अपने मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान की खुलकर निंदा करें। रोसेन ने कहा कि बेन-ग्विर की ऐसी टिप्पणियां पूरी तरह से भयानक हैं और इनका किसी भी स्तर पर बचाव नहीं किया जा सकता।

बेन-ग्विर का विवादित बयान

बेन-ग्विर ने पूर्व बंधक रोम ब्रास्लाव्स्की के पॉडकास्ट में गाजा में सैन्य कार्रवाई को लेकर बेहद कठोर रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना को हर रात 30 से 40 लोगों को निशाना बनाना चाहिए। उनकी दलील सिर्फ उन लोगों तक सीमित नहीं थी, जिन्हें उस समय तत्काल खतरा माना जाता हो। उन्होंने कुछ फिलिस्तीनियों के बारे में बेहद अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जीवित नहीं रहना चाहिए। मंत्री ने नेतन्याहू की उस नीति की भी आलोचना की, जिसके तहत मौजूदा संघर्ष विराम के दौरान बड़े पैमाने पर हमले कम किए गए हैं। बेन-ग्विर इसके बजाय लक्षित हत्याओं को फिर से बढ़ाने के पक्ष में नजर आए। हालांकि, एक अहम बात यह है कि उनके पास इजरायली सेना को सीधे हमले का आदेश देने का अधिकार नहीं है। लेकिन वह सुरक्षा मामलों से जुड़े कैबिनेट समूह का हिस्सा हैं, जहां युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा की नीतियों पर चर्चा होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *