Shehbaz Sharif Donald Trump : इस्लामाबाद। सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वागत किया है। ट्रंप ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ‘बड़ा, साहसिक और महत्वपूर्ण कदम’ करार दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस समर्थन से पाकिस्तान गदगद नजर आ रहा है और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके नेतृत्व की जमकर तारीफ की है।
शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। सऊदी अरब और तुर्किये के साथ मिलकर पाकिस्तान अपने देशों और पूरे क्षेत्र की रक्षा में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के उस ‘साहसिक और निर्णायक नेतृत्व’ की एक बार फिर सराहना करते हैं, जिसने दक्षिण एशिया में एक बड़े परमाणु संकट को टालने में मदद की और लाखों लोगों की जान बचाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारे लोगों के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य के लिए स्थायी शांति सबसे पहली और अनिवार्य शर्त है।
मक्का समझौते पर ट्रंप ने क्या कहा?
मक्का समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वागत किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि मैं यह देखकर बहुत खुश हूं कि सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि मध्य-पूर्व अब एक साथ आ रहा है और विभिन्न देश अधिक सार्थक तरीके से अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हो रहे हैं।
7 अगस्त को हुआ था रक्षा समझौता
मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर 7 अगस्त को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता सैन्य और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ सामूहिक रक्षा पर केंद्रित है।
इस समझौते के तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर भी हुए सशस्त्र हमले को तीनों पर हमला माना जाएगा। इन शर्तों में सैन्य समन्वय बढ़ाने, संयुक्त सामरिक अभ्यास करने, तथा रक्षा प्रौद्योगिकी और सैन्य औद्योगिक क्षमताओं में सहयोग की रूपरेखा भी शामिल है।

