गले की खराश, चुभन और दर्द से राहत दिलाने में कितना असरदार है शहद? Cleveland Clinic से जानें

गले की खराश, चुभन और दर्द से राहत दिलाने में कितना असरदार है शहद? Cleveland Clinic से जानें

Benefits Of Honey For Sore Throat:  मौसम बदलने पर गले में खराश, दर्द और सूखापन महसूस होने पर कुछ लोग घरेलू नुस्खे के तौर पर शहद का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। लेकिन क्या शहद हर तरह के गले के संक्रमण को ठीक कर सकता है? इसे किस तरह खाना चाहिए और किन लोगों को इससे परहेज करना चाहिए? आइए, इसके फायदों, इस्तेमाल के तरीके और जरूरी सावधानियों के बारे में जानते हैं।

Sore Throat में Honey कैसे काम करता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, शहद में कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो सूजन और जलन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसकी गाढ़ी बनावट गले की अंदरूनी सतह पर एक पतली परत बना सकती है, जिससे निगलने के दौरान होने वाली परेशानी से कुछ राहत मिल सकती है।

इसके अलावा, शहद में फ्लेवोनॉइड्स नाम के प्राकृतिक तत्व भी होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं।

गले की खराश में शहद खाने का सही तरीका

गले में खराश होने पर शहद का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है।

  • सीधे शहद खाएं: एक चम्मच शहद धीरे-धीरे निगल सकते हैं।
  • गुनगुने पानी में मिलाएं: एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पी सकते हैं। चाहें तो इसमें थोड़ा नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
  • हर्बल चाय में मिलाएं: तुलसी या दूसरी हर्बल चाय में शहद मिलाकर पीने से गले को आराम मिल सकता है।

ध्यान रखें कि पेय पदार्थ बहुत गर्म न हो। गुनगुने पानी या चाय में शहद मिलाकर पीना बेहतर है।

Sore Throat के लिए कौन-सा शहद बेहतर है?

बाजार में कई तरह के शहद मिलते हैं, जैसे कच्चा शहद, मनुका शहद और सामान्य प्रोसेस्ड शहद। मनुका शहद में मिथाइलग्लाइऑक्सल नाम का एक तत्व पाया जाता है, जिसमें बैक्टीरिया के खिलाफ काम करने वाले गुण होते हैं। वहीं, कच्चे शहद में कुछ प्राकृतिक तत्व मौजूद रह सकते हैं। हालांकि, गले की खराश में इनमें से कौन सा शहद ज्यादा फायदेमंद है, इससे जुड़े वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए भरोसेमंद जगह से शहद की गुणवत्ता का ध्यान में रख के खरीदें।

शहद खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

शहद प्राकृतिक चीज है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।

  • शहद में क्लॉस्ट्रिडियम बोटुलिनम नाम के बैक्टीरिया के बीजाणु हो सकते हैं, जो छोटे बच्चों में इन्फैंट बोटुलिज्म नाम की गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। इसलिए एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद न दें।
  • शहद में शुगर होती है, जो ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटीज के मरीज इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
  • शहद में शुगर और कैलोरी होती हैं, इसलिए इसे सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।

गले की खराश होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?

आमतौर पर हल्की खराश में घरेलू उपायों से राहत मिल सकती है, लेकिन अगर गले में तेज दर्द हो, तेज बुखार आए या परेशानी बढ़ती जाए, तो डॉक्टर से सलाह लें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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