गया जिला परिषद सभागार में गुरुवार को 20 सूत्री जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और शाम करीब 4:30 बजे तक चली। करीब साढ़े चार घंटे तक जिले के विकास और सरकारी योजनाओं की पड़ताल होती रही। बैठक में सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायक मौजूद रहे। एनडीए के पदाधिकारी और 20 सूत्री समिति के सदस्य भी शामिल हुए। प्रभारी मंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक सिर्फ योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रही। कई स्थानीय मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। खाद की कालाबाजारी, बिजली के जर्जर तार, ट्रांसफार्मर, निर्माण कार्यों में शिकायत और राजस्व समेत कई विभागों की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। खाद की कालाबाजारी पर मंत्री का दो टूक संदेश
किसानों को खाद तय कीमत पर नहीं मिलने की शिकायत पर प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिले में यूरिया या खाद की कमी नहीं है। किसानों को खाद खरीदते समय रसीद या कैश मेमो जरूर लेना चाहिए। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है तो उसकी लिखित शिकायत करें। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी करने वाले विक्रेता का लाइसेंस तक रद्द किया जाएगा।
मंत्री ने डीएम के नेतृत्व में टास्क फोर्स को उर्वरक वितरण और खाद दुकानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। बुडको समेत कई विभागों की शिकायत पर जांच
बैठक में निर्माण कार्यों और विभागीय कामकाज को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। बुडको समेत जिन विभागों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनकी अलग से जांच होगी।
प्रभारी मंत्री ने डीएम को विशेष कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। कमेटी शिकायतों की जांच करेगी। गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। मंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों को अपनी खामियां सुधारने का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है।
मद्य निषेध, खनन और राजस्व पर सरकार की नजर
मद्य निषेध, खनन और राजस्व विभाग भी बैठक के निशाने पर रहे। इन विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार की विशेष नजर है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को जनहित में बेहतर तरीके से काम करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसमें किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुमार सर्वजीत ने जर्जर तारों का मुद्दा उठाया
बैठक में बोधगया से राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने भी कई स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गांवों में जर्जर बिजली तारों का मामला रखा। साथ ही में कहा कि बैठक में विपक्ष से ज्यादा सत्तापक्ष के लोगों ने सरकारी खामियों को उजागर किया। बढ़चढ़ के अधिकारियों की शिकायत व उनकी मनमानी की बात सत्तापक्ष के लोगों ने की है। इससे स्पष्ट होता है कि जनहित मे कोई काम सराकर नहीं कर रही है। जनता परेशान है। विधायक ने कहा कि जर्जर तारों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। किसानों और उनके परिवार के लोगों की जान जा रही है। उन्होंने प्रभारी मंत्री को करीब 30 से 35 गांवों की सूची सौंपकर जर्जर तार बदलने की मांग की।
टनकुप्पा और फतेहपुर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर बदलने और जेई के फोन नहीं उठाने का मुद्दा भी उठाया गया। स्टाम्प पेपर पर शिकायत, रिपोर्ट पर भी सवाल
विधायक ने ग्रामीणों से जुड़े एक और मामले को लेकर अधिकारियों की रिपोर्ट पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देकर पैसे की वसूली का आरोप लगाया था। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों की रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रामीणों ने ऐसा आरोप नहीं लगाया है। विधायक ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ग्रामीणों ने स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र दिया है तो फिर रिपोर्ट में इससे इनकार क्यों किया गया। पितृपक्ष से पहले फिर होगी समीक्षा
प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला शुरू होने वाला है। ऐसे में बैठक में मेला की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने अपनी पिछली तैयारियों और अनुभवों के आधार पर काम शुरू कर दिया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले एक और संक्षिप्त समीक्षा बैठक होगी। इसमें जनप्रतिनिधियों के सुझाव लिए जाएंगे। मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने पर फोकस रहेगा। करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक में एक बात साफ दिखी। योजनाओं की समीक्षा के साथ अब शिकायतों पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को सुधार का मौका दिया है। गया जिला परिषद सभागार में गुरुवार को 20 सूत्री जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और शाम करीब 4:30 बजे तक चली। करीब साढ़े चार घंटे तक जिले के विकास और सरकारी योजनाओं की पड़ताल होती रही। बैठक में सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायक मौजूद रहे। एनडीए के पदाधिकारी और 20 सूत्री समिति के सदस्य भी शामिल हुए। प्रभारी मंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक सिर्फ योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रही। कई स्थानीय मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। खाद की कालाबाजारी, बिजली के जर्जर तार, ट्रांसफार्मर, निर्माण कार्यों में शिकायत और राजस्व समेत कई विभागों की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। खाद की कालाबाजारी पर मंत्री का दो टूक संदेश
किसानों को खाद तय कीमत पर नहीं मिलने की शिकायत पर प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिले में यूरिया या खाद की कमी नहीं है। किसानों को खाद खरीदते समय रसीद या कैश मेमो जरूर लेना चाहिए। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है तो उसकी लिखित शिकायत करें। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी करने वाले विक्रेता का लाइसेंस तक रद्द किया जाएगा।
मंत्री ने डीएम के नेतृत्व में टास्क फोर्स को उर्वरक वितरण और खाद दुकानों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। बुडको समेत कई विभागों की शिकायत पर जांच
बैठक में निर्माण कार्यों और विभागीय कामकाज को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। बुडको समेत जिन विभागों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनकी अलग से जांच होगी।
प्रभारी मंत्री ने डीएम को विशेष कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। कमेटी शिकायतों की जांच करेगी। गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। मंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों को अपनी खामियां सुधारने का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है।
मद्य निषेध, खनन और राजस्व पर सरकार की नजर
मद्य निषेध, खनन और राजस्व विभाग भी बैठक के निशाने पर रहे। इन विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार की विशेष नजर है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को जनहित में बेहतर तरीके से काम करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसमें किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुमार सर्वजीत ने जर्जर तारों का मुद्दा उठाया
बैठक में बोधगया से राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने भी कई स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गांवों में जर्जर बिजली तारों का मामला रखा। साथ ही में कहा कि बैठक में विपक्ष से ज्यादा सत्तापक्ष के लोगों ने सरकारी खामियों को उजागर किया। बढ़चढ़ के अधिकारियों की शिकायत व उनकी मनमानी की बात सत्तापक्ष के लोगों ने की है। इससे स्पष्ट होता है कि जनहित मे कोई काम सराकर नहीं कर रही है। जनता परेशान है। विधायक ने कहा कि जर्जर तारों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। किसानों और उनके परिवार के लोगों की जान जा रही है। उन्होंने प्रभारी मंत्री को करीब 30 से 35 गांवों की सूची सौंपकर जर्जर तार बदलने की मांग की।
टनकुप्पा और फतेहपुर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर बदलने और जेई के फोन नहीं उठाने का मुद्दा भी उठाया गया। स्टाम्प पेपर पर शिकायत, रिपोर्ट पर भी सवाल
विधायक ने ग्रामीणों से जुड़े एक और मामले को लेकर अधिकारियों की रिपोर्ट पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देकर पैसे की वसूली का आरोप लगाया था। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों की रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रामीणों ने ऐसा आरोप नहीं लगाया है। विधायक ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ग्रामीणों ने स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र दिया है तो फिर रिपोर्ट में इससे इनकार क्यों किया गया। पितृपक्ष से पहले फिर होगी समीक्षा
प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला शुरू होने वाला है। ऐसे में बैठक में मेला की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने अपनी पिछली तैयारियों और अनुभवों के आधार पर काम शुरू कर दिया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले एक और संक्षिप्त समीक्षा बैठक होगी। इसमें जनप्रतिनिधियों के सुझाव लिए जाएंगे। मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने पर फोकस रहेगा। करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक में एक बात साफ दिखी। योजनाओं की समीक्षा के साथ अब शिकायतों पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को सुधार का मौका दिया है।

