गयाजी के चंदौती थाना क्षेत्र के बलदेव नगर में जमीन विवाद को लेकर हुई घटना के तीन दिन बाद गया पुलिस ने सफाई दी है। पुलिस कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर घटना में बिहार पुलिस के सेवानिवृत्त एडीजी और उनके बेटे की संलिप्तता का दावा किया जा रहा था। पुलिस ने इस बात से इनकार किया है। एसएसपी सुशील कुमार की ओर से बताया गया है कि जिस व्यक्ति के ऊपर पीड़ित पक्ष आरोप लगा रहा है, वो व्यक्ति पूर्व एडीजी नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) हैं। संबंधित घटना से जुड़े तथ्य को भी पुलिस ने सार्वजिनक किया है। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी फुटेज की जांच, मौके से मिले दो सुतली बम और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी है। पहले शांत हुआ विवाद, तीन घंटे बाद फिर जुटी भीड़ पुलिस के अनुसार की ओर से 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे बालदेव नगर में जमीन विवाद की सूचना मिली थी। चंदौती थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया था। दोपहर दो बजे फिर सूचना मिली कि 40-50 लोग विवादित जमीन पर पहुंचकर चहारदीवारी निर्माण रोक रहे हैं। इस दौरान तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इसके अनुसार, वहां जुटे लोग ईंट-पत्थर फेंक रहे थे और कुर्सी-टेबल तोड़ रहे थे। घटनास्थल से दो सुतली बम भी मिले। बम निरोधक दस्ते ने दोनों बमों को निष्क्रिय कर दिया। पुलिस एसआईटी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कटारी निवासी रवि कुमार (28) और कटारी न्यू देवी स्थान निवासी अनुज कुमार (19) को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस मामले में चंदौती थाना कांड संख्या 451/26 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। 24 अक्टूबर की शाम को चंदौती थाना के बलदेव नगर में जमीन विवाद में एक पक्ष ने बड़ी संख्या में दलबल के साथ एकत्रित होकर दूसरे पक्ष के घर पर चढ़कर तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया था। पीड़ित पक्ष सत्येंद्र नारायण का आरोप था कि हमलावर रिटायर्ड जज के लड़के हैं और किसी भी जमीन पर विवाद खड़ा कर अवैध धन की वसूली करते है। यही नहीं जमीन मालिक की ओर से जब पैसे नहीं देने पर वे हिंसक हो जाते हैं। रिटायर्ड जज के लड़के ने ही 50 से अधिक लड़को के साथ घर पर हमला किया। रोड़ेबाजी, गोलीबारी व बमबाजी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल है। जिसमें हमलावर हिसंक व लोग मौके से जान बचाकर भागते हुए नजर आ रहे हैं। गयाजी के चंदौती थाना क्षेत्र के बलदेव नगर में जमीन विवाद को लेकर हुई घटना के तीन दिन बाद गया पुलिस ने सफाई दी है। पुलिस कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर घटना में बिहार पुलिस के सेवानिवृत्त एडीजी और उनके बेटे की संलिप्तता का दावा किया जा रहा था। पुलिस ने इस बात से इनकार किया है। एसएसपी सुशील कुमार की ओर से बताया गया है कि जिस व्यक्ति के ऊपर पीड़ित पक्ष आरोप लगा रहा है, वो व्यक्ति पूर्व एडीजी नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) हैं। संबंधित घटना से जुड़े तथ्य को भी पुलिस ने सार्वजिनक किया है। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी फुटेज की जांच, मौके से मिले दो सुतली बम और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी है। पहले शांत हुआ विवाद, तीन घंटे बाद फिर जुटी भीड़ पुलिस के अनुसार की ओर से 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे बालदेव नगर में जमीन विवाद की सूचना मिली थी। चंदौती थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया था। दोपहर दो बजे फिर सूचना मिली कि 40-50 लोग विवादित जमीन पर पहुंचकर चहारदीवारी निर्माण रोक रहे हैं। इस दौरान तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इसके अनुसार, वहां जुटे लोग ईंट-पत्थर फेंक रहे थे और कुर्सी-टेबल तोड़ रहे थे। घटनास्थल से दो सुतली बम भी मिले। बम निरोधक दस्ते ने दोनों बमों को निष्क्रिय कर दिया। पुलिस एसआईटी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कटारी निवासी रवि कुमार (28) और कटारी न्यू देवी स्थान निवासी अनुज कुमार (19) को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस मामले में चंदौती थाना कांड संख्या 451/26 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। 24 अक्टूबर की शाम को चंदौती थाना के बलदेव नगर में जमीन विवाद में एक पक्ष ने बड़ी संख्या में दलबल के साथ एकत्रित होकर दूसरे पक्ष के घर पर चढ़कर तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया था। पीड़ित पक्ष सत्येंद्र नारायण का आरोप था कि हमलावर रिटायर्ड जज के लड़के हैं और किसी भी जमीन पर विवाद खड़ा कर अवैध धन की वसूली करते है। यही नहीं जमीन मालिक की ओर से जब पैसे नहीं देने पर वे हिंसक हो जाते हैं। रिटायर्ड जज के लड़के ने ही 50 से अधिक लड़को के साथ घर पर हमला किया। रोड़ेबाजी, गोलीबारी व बमबाजी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल है। जिसमें हमलावर हिसंक व लोग मौके से जान बचाकर भागते हुए नजर आ रहे हैं।

