गयाजी के आजाद पार्क में गांधी शिल्प बाजार शुरू:7 नवंबर तक लगेंगे 40 स्टॉल, सजावटी सामान और श्रृंगार सामग्री भी उपलब्ध

गयाजी के आजाद पार्क में गांधी शिल्प बाजार शुरू:7 नवंबर तक लगेंगे 40 स्टॉल, सजावटी सामान और श्रृंगार सामग्री भी उपलब्ध

गयाजी के आजाद पार्क में गांधी शिल्प बाजार शुरू हुआ। बाजार 7 नवंबर तक चलेगा। यहां कई राज्यों से आए कारीगरों ने 40 स्टॉल लगाए हैं। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के प्रायोजन और भोजपुर के आसरा सेवा केंद्र के सौजन्य से बाजार लगाया गया है। फीता काटकर इसका उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री शुरू हुई। स्टॉलों पर कुर्ती, बेडशीट, चादर, गमछा, लहठी, चूड़ी, खिलौने, मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी और शॉल रखे गए हैं। सजावटी सामान और श्रृंगार सामग्री भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा जूट के झोले, काष्ठ और शिल्प कला से बनी बुद्ध की प्रतिमाएं, खल-बट्टा और कई पारंपरिक उपयोगी वस्तुएं भी बाजार में हैं। उद्घाटन के बाद विघ्नेश्वर सिंह ने कहा कि आजाद पार्क में देश के विभिन्न राज्यों की कला देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि लोग एक ही जगह पर अलग-अलग क्षेत्रों के हस्तनिर्मित उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। स्टॉल लगाने वाले को मिल रही आर्थिक सहायता कहा कि हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों का उत्साह बढ़ेगा और पारंपरिक कला-शिल्प को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। विघ्नेश्वर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की ओर से बाजार में स्टॉल लगाने वाले कारीगरों को आने-जाने और रहने के लिए प्रति स्टॉल 9 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि गयाजी में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प मेलों में कारीगरों को अच्छी बिक्री मिलती रही है। इसी कारण विभिन्न राज्यों के कलाकार और कारीगर अपने उत्पाद लेकर यहां पहुंचे हैं। बिहार समेत कई राज्यों के कारीगर पहुंचे गया

गांधी शिल्प बाजार में बिहार के अलावा असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों के कलाकारों और कारीगरों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। कहीं मधुबनी कला की खूबसूरती देखने को मिल रही है तो कहीं काष्ठ कला और पारंपरिक शिल्प लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। जूट से बने उत्पादों से लेकर कपड़े, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक की अच्छी रेंज यहां उपलब्ध है।
अंगवस्त्र देकर अतिथियों का हुआ सम्मान

उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विघ्नेश्वर सिंह, आसरा सेवा केंद्र के सचिव कैलाश प्रसाद सिंह और वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, शाखा पटना के ऋषिन पाल सहित अन्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर कारीगरों से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। लोक संस्कृति और हस्तशिल्प के रंग से सजे इस आयोजन ने आजाद पार्क के माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। गयाजी के आजाद पार्क में गांधी शिल्प बाजार शुरू हुआ। बाजार 7 नवंबर तक चलेगा। यहां कई राज्यों से आए कारीगरों ने 40 स्टॉल लगाए हैं। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के प्रायोजन और भोजपुर के आसरा सेवा केंद्र के सौजन्य से बाजार लगाया गया है। फीता काटकर इसका उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री शुरू हुई। स्टॉलों पर कुर्ती, बेडशीट, चादर, गमछा, लहठी, चूड़ी, खिलौने, मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी और शॉल रखे गए हैं। सजावटी सामान और श्रृंगार सामग्री भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा जूट के झोले, काष्ठ और शिल्प कला से बनी बुद्ध की प्रतिमाएं, खल-बट्टा और कई पारंपरिक उपयोगी वस्तुएं भी बाजार में हैं। उद्घाटन के बाद विघ्नेश्वर सिंह ने कहा कि आजाद पार्क में देश के विभिन्न राज्यों की कला देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि लोग एक ही जगह पर अलग-अलग क्षेत्रों के हस्तनिर्मित उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। स्टॉल लगाने वाले को मिल रही आर्थिक सहायता कहा कि हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों का उत्साह बढ़ेगा और पारंपरिक कला-शिल्प को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। विघ्नेश्वर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की ओर से बाजार में स्टॉल लगाने वाले कारीगरों को आने-जाने और रहने के लिए प्रति स्टॉल 9 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि गयाजी में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प मेलों में कारीगरों को अच्छी बिक्री मिलती रही है। इसी कारण विभिन्न राज्यों के कलाकार और कारीगर अपने उत्पाद लेकर यहां पहुंचे हैं। बिहार समेत कई राज्यों के कारीगर पहुंचे गया

गांधी शिल्प बाजार में बिहार के अलावा असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों के कलाकारों और कारीगरों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। कहीं मधुबनी कला की खूबसूरती देखने को मिल रही है तो कहीं काष्ठ कला और पारंपरिक शिल्प लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। जूट से बने उत्पादों से लेकर कपड़े, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक की अच्छी रेंज यहां उपलब्ध है।
अंगवस्त्र देकर अतिथियों का हुआ सम्मान

उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विघ्नेश्वर सिंह, आसरा सेवा केंद्र के सचिव कैलाश प्रसाद सिंह और वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, शाखा पटना के ऋषिन पाल सहित अन्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर कारीगरों से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। लोक संस्कृति और हस्तशिल्प के रंग से सजे इस आयोजन ने आजाद पार्क के माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *