झांसी में मंगलवार शाम को गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान एक हादसा हो गया। पहुंज नदी में मूर्ति के नीचे दबने से 23 साल के एक छात्र बलराम वर्मा की मौत हो गई। इस दौरान दो अन्य युवकों को रक्सा थाने के सिपाहियों ने नदी में कूदकर बचाया। यह घटना मंगलवार शाम करीब 3 बजे की है। प्रेम नगर और रक्सा क्षेत्र से निकली पहुंज नदी पर अठोदना गांव में अठोदना डैम बना हुआ है। यहां शहर के नगरा क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। नगर के वार्ड नंबर 28 गुरुद्वारे के पास से कुछ युवक गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए आए थे। इनमें से चार युवक डैम से पहले ही पहुंज नदी में 8 से 10 फीट गहरे गड्ढे में मूर्ति विसर्जित कर रहे थे। प्रतिमा ज्यादा भारी होने के कारण तीन दोस्त उसके नीचे दब गए। रक्सा थाने में तैनात सिपाही वरुण कुंतल और अभय भारती ने तुरंत नदी में कूदकर दो युवकों को बचा लिया। हालांकि, तीसरा दोस्त बलराम वर्मा मूर्ति के नीचे बुरी तरह दब गया था। सिपाहियों ने उसे बाहर निकाला और सीपीआर भी दी। बलराम को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिपाहियों की सूझबूझ से दो अन्य युवकों की जान बच गई। मृतक बलराम वर्मा (23) बी.बी.ए. द्वितीय वर्ष का छात्र था और एसआर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता धर्मेंद्र वर्मा होशंगाबाद में मजदूरी करते हैं। वह अपनी पत्नी और दो बेटे रुद्र वर्मा (18) और हर्ष वर्मा (18) के साथ रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी क्षेत्राधिकार सदर सिमरन सिंह भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

