अपराधियों को समाज से अलग-थलग करने के लिए जेल भेजा जाता है, लेकिन बेगूसराय मंडलकारा में बंद अपराधियों ने इसे ही अपना ‘सुरक्षित ठिकाना’ बना लिया है। वर्ष 2026 में अब तक मंडलकारा में बंद 8 कुख्यात अपराधियों पर जेल के अंदर से ही हत्या की साजिश रचने, गवाहों की सुपारी देने, जानलेवा हमले कराने और रंगदारी मांगने के संगीन आरोपों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। तमाम मामलों में एक ही खौफनाक पैटर्न सामने आया है “आरोपी जेल के भीतर और वारदात बाहर”। सुपारी देने से लेकर धमकी भरे फोन करने तक का काम जेल के अंदर से बेधड़क चल रहा है। इस स्थिति ने पुलिस प्रशासन की गश्त और जेल की सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल अधीक्षक विभु कुमार का कहना है कि संदिग्ध आचरण वाले कैदियों पर नजर रखी जा रही है और छापेमारी जारी है। गड़बड़ी में शामिल कैदियों को दूसरे जिलों की जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 1. गवाह की सुपारी (5 लाख की डील): मामला: चर्चित रामदारी मुखिया मुन्ना सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश। सच्चाई: पुलिस ने 28 जनवरी को 3 पिस्तौल और 22 कारतूस के साथ 4 शूटरों (मुख्य आरोपी प्रीतम) को पकड़ा। जेल कनेक्शन: प्रीतम ने कबूला कि जेल में बंद सूरज कुमार और विमलेश सिंह ने उसे ₹5 लाख में हत्या की सुपारी दी थी। 2. प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की साजिश: मामला: नागदह में प्रॉपर्टी डीलर वरुण सिंह उर्फ वरुण चौधरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। जेल कनेक्शन: मृतक के पुत्र ने जेल में पहले से सजा काट रहे कुख्यात संतोष चौधरी पर जेल के अंदर से ही हत्या की पूरी पटकथा रचने का आरोप लगाया। 3. पूर्व जिला पार्षद पर जानलेवा हमला: मामला: 12 जुलाई को शोकहरा में पूर्व जिला पार्षद सिकंदर अली पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उन्हें 2 गोलियां लगीं। जेल कनेक्शन: पूर्व रंजिश को लेकर जेल में बंद मो. सद्दाम और मो. मुन्ना पर जेल से ही हमले की सुपारी देने और साजिश रचने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 4. जेल से फोन और रंगदारी की धमकी: मामला: नौला निवासी रणधीर कुमार को 18 फरवरी को कई बार फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई। जेल कनेक्शन: जेल में बंद कुख्यात कारी चौधरी उर्फ मुसकट्टा पर जेल के अंदर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर ₹20 हजार की रंगदारी मांगने का आरोप लगा (वीरपुर थाना में मामला दर्ज)। अपराधियों को समाज से अलग-थलग करने के लिए जेल भेजा जाता है, लेकिन बेगूसराय मंडलकारा में बंद अपराधियों ने इसे ही अपना ‘सुरक्षित ठिकाना’ बना लिया है। वर्ष 2026 में अब तक मंडलकारा में बंद 8 कुख्यात अपराधियों पर जेल के अंदर से ही हत्या की साजिश रचने, गवाहों की सुपारी देने, जानलेवा हमले कराने और रंगदारी मांगने के संगीन आरोपों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। तमाम मामलों में एक ही खौफनाक पैटर्न सामने आया है “आरोपी जेल के भीतर और वारदात बाहर”। सुपारी देने से लेकर धमकी भरे फोन करने तक का काम जेल के अंदर से बेधड़क चल रहा है। इस स्थिति ने पुलिस प्रशासन की गश्त और जेल की सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल अधीक्षक विभु कुमार का कहना है कि संदिग्ध आचरण वाले कैदियों पर नजर रखी जा रही है और छापेमारी जारी है। गड़बड़ी में शामिल कैदियों को दूसरे जिलों की जेलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 1. गवाह की सुपारी (5 लाख की डील): मामला: चर्चित रामदारी मुखिया मुन्ना सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश। सच्चाई: पुलिस ने 28 जनवरी को 3 पिस्तौल और 22 कारतूस के साथ 4 शूटरों (मुख्य आरोपी प्रीतम) को पकड़ा। जेल कनेक्शन: प्रीतम ने कबूला कि जेल में बंद सूरज कुमार और विमलेश सिंह ने उसे ₹5 लाख में हत्या की सुपारी दी थी। 2. प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की साजिश: मामला: नागदह में प्रॉपर्टी डीलर वरुण सिंह उर्फ वरुण चौधरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। जेल कनेक्शन: मृतक के पुत्र ने जेल में पहले से सजा काट रहे कुख्यात संतोष चौधरी पर जेल के अंदर से ही हत्या की पूरी पटकथा रचने का आरोप लगाया। 3. पूर्व जिला पार्षद पर जानलेवा हमला: मामला: 12 जुलाई को शोकहरा में पूर्व जिला पार्षद सिकंदर अली पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उन्हें 2 गोलियां लगीं। जेल कनेक्शन: पूर्व रंजिश को लेकर जेल में बंद मो. सद्दाम और मो. मुन्ना पर जेल से ही हमले की सुपारी देने और साजिश रचने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 4. जेल से फोन और रंगदारी की धमकी: मामला: नौला निवासी रणधीर कुमार को 18 फरवरी को कई बार फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई। जेल कनेक्शन: जेल में बंद कुख्यात कारी चौधरी उर्फ मुसकट्टा पर जेल के अंदर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर ₹20 हजार की रंगदारी मांगने का आरोप लगा (वीरपुर थाना में मामला दर्ज)।

