गंदे पानी में मां के विसर्जन पर Gen Z नाराज:बोले- चाहते हैं मां जैसे कैलाश से आती हैं, वैसे ही लौटें

गंदे पानी में मां के विसर्जन पर Gen Z नाराज:बोले- चाहते हैं मां जैसे कैलाश से आती हैं, वैसे ही लौटें

मां दुर्गा को कई दिनों तक सजाकर, पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। लेकिन विसर्जन के समय जब प्रतिमाओं को गंदे पानी में उतारा जाता है, तो यह देखकर युवाओं को दुख होता है। काशी में मां दुर्गा के विसर्जन के लिए साफ पानी की व्यवस्था नहीं होने पर Gen Z ने नाराजगी जताई। युवाओं का कहना है कि गंगा में प्रतिमा विसर्जन पर रोक है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए, जहां मां की प्रतिमाओं का सम्मान के साथ विसर्जन किया जा सके। वे चाहते हैं कि मां जैसे कैलाश से आती हैं, वैसे ही उन्हें स्वच्छ वातावरण में विदा किया जाए। इतने दिन सम्मान से रखा, फिर गंदे पानी में विसर्जन गलत एक युवती ने कहा कि मां को इतने दिनों तक अच्छी तरह सजाकर और सम्मान के साथ रखा जाता है। उनकी पूजा की जाती है, लेकिन आखिरी दिन उन्हें गंदे पानी में विसर्जित कर दिया जाता है। यह सही नहीं है। विसर्जन के लिए साफ पानी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मां की विदाई भी सम्मान के साथ हो सके। हम साफ करते हैं, लोग फिर गंदा कर देते हैं एक अन्य युवती ने कहा कि गंगा में प्रतिमा विसर्जन पर रोक होने के कारण लोग दूसरी जगहों पर विसर्जन करते हैं। लेकिन वहां भी पानी साफ नहीं है। उन्होंने कहा, “इतने गंदे पानी में मां का विसर्जन कराना सही नहीं है, लेकिन अच्छे पानी का इंतजाम भी हम कहां से करेंगे? गंगा में विसर्जन नहीं कर सकते, वहां रोक लगी हुई है। इसके लिए पानी को साफ करना चाहिए, लेकिन हम लोग जितना साफ करते हैं, लोग आकर उतना ही गंदा कर देते हैं। उसी पानी में लोग नहाते हैं और वॉशरूम भी जाते हैं।” उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां साफ पानी उपलब्ध हो। मां जैसे कैलाश से आती हैं, वैसे ही उनकी विदाई भी स्वच्छ वातावरण में होनी चाहिए। सड़कें भी गंदी, स्वच्छता के लिए सबको मिलकर काम करना होगा अनन्या ने कहा कि समस्या केवल पानी की नहीं है, बल्कि सड़कों पर भी गंदगी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान चलने के बावजूद लोगों की आदतों में बदलाव नहीं दिख रहा है। आज भी लोग चलते-फिरते पान थूक देते हैं और सार्वजनिक जगहों को गंदा करते हैं। अनन्या ने कहा, “यह किसी राजनीतिक दल की नाकामी नहीं है, यह हम लोगों की नाकामी है। हम खुद अपने शहर को गंदा कर रहे हैं। सफाई के लिए भी यूनिटी चाहिए।” युवाओं का कहना है कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। विसर्जन स्थलों पर साफ पानी की व्यवस्था के साथ लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनना होगा।

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