गंडक बराज से पानी छोड़ने की सूचना पर नौतन के गांवों में दहशत का माहौल

गंडक बराज से पानी छोड़ने की सूचना पर नौतन के गांवों में दहशत का माहौल

भास्कर न्यूज| नौतन नौतन प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सोमवार को ग्रामीणों की जुबान पर डर और बेबसी दिखी। गंडक बराज से और पानी छोड़े जाने की सूचना फैल गई। जिससे दियारा क्षेत्र के लोगों में दहशत है। लोग घर और सामान बचाने में जुटे हैं। भगवानपुर, विशंभरपुर छरकी, दमका टोला, बरियारपुर, शिवराजपुर हरिजन टोली समेत करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। जिससे परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का स्तर और बढ़ा तो घर के छप्पर तक पानी घुस सकता है। कई परिवार सुरक्षित जगह पर तंबू तानकर रहने की बात कह रहे हैं। बाढ़ पीड़ित सुभाष कुमार निषाद, अंजन कुमार यादव, राजू कुमार यादव, सोहन कुमार ने बताया कि रोजमर्रा का सामान घरों में सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। खाद्य सामग्री भीग रही है। दूसरे सामान भी पानी में खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक प्रशासन ने अब तक नाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की है। कुछ निजी नाव हैं। इन्हीं के सहारे लोग परिवार और सामान लेकर चंपारण तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति बिगड़ रही है। राहत और बचाव के इंतजाम नजर नहीं आ रहे। अभी तक प्रशासन की गाड़ी भी प्रभावित इलाकों में हालचाल लेने नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी है। भास्कर न्यूज| नौतन नौतन प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सोमवार को ग्रामीणों की जुबान पर डर और बेबसी दिखी। गंडक बराज से और पानी छोड़े जाने की सूचना फैल गई। जिससे दियारा क्षेत्र के लोगों में दहशत है। लोग घर और सामान बचाने में जुटे हैं। भगवानपुर, विशंभरपुर छरकी, दमका टोला, बरियारपुर, शिवराजपुर हरिजन टोली समेत करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। जिससे परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का स्तर और बढ़ा तो घर के छप्पर तक पानी घुस सकता है। कई परिवार सुरक्षित जगह पर तंबू तानकर रहने की बात कह रहे हैं। बाढ़ पीड़ित सुभाष कुमार निषाद, अंजन कुमार यादव, राजू कुमार यादव, सोहन कुमार ने बताया कि रोजमर्रा का सामान घरों में सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। खाद्य सामग्री भीग रही है। दूसरे सामान भी पानी में खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक प्रशासन ने अब तक नाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की है। कुछ निजी नाव हैं। इन्हीं के सहारे लोग परिवार और सामान लेकर चंपारण तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति बिगड़ रही है। राहत और बचाव के इंतजाम नजर नहीं आ रहे। अभी तक प्रशासन की गाड़ी भी प्रभावित इलाकों में हालचाल लेने नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी है।  

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