गंगा की कटान से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग बहा:उन्नाव में 40 गांवों का संपर्क टूटा, उन्नाव-कानपुर के बीच आवागमन में मुश्किलें बढ़ीं

गंगा की कटान से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग बहा:उन्नाव में 40 गांवों का संपर्क टूटा, उन्नाव-कानपुर के बीच आवागमन में मुश्किलें बढ़ीं

उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने और तेज कटान की वजह से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग बह गया है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा गंगा में समा जाने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। यह सड़क उन्नाव-हरदोई मार्ग को कालीमिट्टी से फतेहपुर चौरासी होते हुए कानपुर के शिवराजपुर से जोड़ती है। मार्ग बहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 14.6 किलोमीटर लंबा यह कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग इलाके के लिए बहुत अहम है। यह उन्नाव और कानपुर के बीच आवागमन को आसान बनाता है। साथ ही, आसपास के करीब 40 गांवों के लोगों को मुख्य सड़कों से जोड़ता है। सड़क कटने से इन गांवों के लोगों के सामने आने-जाने का संकट खड़ा हो गया है। इस मार्ग से खैरागाड़ा, रुस्तमपुर, मन्नानगर, पसनियाखेड़ा समेत करीब 40 गांवों की लगभग दो लाख आबादी रोज आती-जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कटने से उन्हें लंबा चक्कर लगाकर दूसरे रास्तों से जाना पड़ रहा है। इससे उनका समय और किराया दोनों बढ़ गया है। किसानों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है और नदी की धारा तेज है। इससे तटवर्ती इलाकों में कटान बढ़ गया है। इसी कटान की वजह से सड़क भी बह गई। देखते ही देखते सड़क का हिस्सा टूटकर गंगा में समा गया। मार्ग कटने के बाद बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत मौके पर जाकर सड़क को सुरक्षित करने और आवागमन फिर से शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कटान को नहीं रोका गया, तो सड़क का और हिस्सा भी गंगा में समा सकता है। इससे आसपास के गांवों का संपर्क लंबे समय तक टूट सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क सिर्फ दो जिलों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं है। यह करीब 40 गांवों के लिए रोजमर्रा के आवागमन का मुख्य साधन है। ऐसे में सड़क की जल्द मरम्मत और कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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