‘गंगा का बढ़ा जलस्तर, हमारी बोहनी पर भी आफत’:गंगा पथ पर 500 दुकानों तक पहुंचा पानी, दुकानदार बोले- जिसे वोट दिया, उनसे अब उम्मीद नहीं

‘गंगा का बढ़ा जलस्तर, हमारी बोहनी पर भी आफत’:गंगा पथ पर 500 दुकानों तक पहुंचा पानी, दुकानदार बोले- जिसे वोट दिया, उनसे अब उम्मीद नहीं

पटना में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है। राजधानी का सबसे बड़ा फूड हब अब पानी से घिर चुका है। इस दौरान जेपी गंगा पथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। 500 से ज्यादा दुकानों तक पानी पहुंच गया है। इनमें से कई दुकानदारों के सामान भी डूब गए हैं। इस कारण दुकानदार अपना ठेला लेकर दुकान लगाने की जगह तलाश रहे हैं। दुकानदारों का कहना है, पानी नहीं था तो 2 रुपए कमा लेते थे, लेकिन अब तो बोहनी पर भी आफत है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें उनसे कोई उम्मीद नहीं है। बीजेपी वाले बोलते थे कि हम गरीबों के नेता है, लेकिन अब वे कहां हैं। दिल्ली में ठेला लगाता था तो बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनता था। यहां आया हूं तब भी स्थिति अच्छी नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है।…पढ़िए जलस्तर बढ़ने से दुकानदारों को क्या-क्या परेशानी हो रही…. जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा चाट की दुकान लगाने वाले नंदकिशोर दास ने कहा, पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद हमें बोला गया था कि हम ऊपर जेपी गंगा पथ पर लगा सकते हैं। लेकिन जब हमलोग लगाने गए तो नगर निगम ने हमें वहां से हटा दिया। उन्होंने हमें डराते हुए कहा कि सामान टांगकर ले जाएंगे। इस डर से हम लोग यहां नीचे मजबूरी में लगा रहे हैं। पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के कचरे पूरी तरह से गीले हो गए हैं जिससे काफी बदबू आती है। मेरा यहां से सामान भी चोरी हो गया था। ताला काटकर चोरों ने मेरे दुकान से सामान चुरा लिए थे। इसके लिए मैंने थाना में कंप्लेंट भी किया था। हमें काफी परेशानी हो रही है। दुकान लगा कर बैठे रहते हैं लेकिन बोहनी नहीं होती है। सम्राट चौधरी से तो कोई उम्मीद ही नहीं है इसलिए अब उन्हें कुछ बोलना ही नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है। ठेला लगाकर खड़े रहते 3 घंटे तक का कस्टमर नहीं आते बटाटापुरी दुकानदार मुन्ना महतो ने कहा कि पानी नहीं था तो दो रुपए कमा भी लेते थे। अब पानी आने से हमें इधर-उधर ठेला लगाना पड़ रहा है और पुलिस वाले हमें भाग रहे हैं। ठेला लगाकर हम लोग खड़े रहते हैं लेकिन 3 घंटे तक एक भी कस्टमर नहीं आता है। अटल पथ के पास खाली जमीन पर बने वेंडिंग जोन में हमें ठेला लगाने बोला गया है। वहां पर कोई ढंग से लाइट की व्यवस्था नहीं है। नाले में कुत्ता मरा रहता है, मगर कोई उठाने नहीं आता। ऐसी बदबू में कौन कस्टमर आएगा। जितना पूंजी लगाते हैं उससे ज्यादा हमें नुकसान होता है। इसपर सम्राट चौधरी को ध्यान देना चाहिए। बीजेपी वाले बोलते हैं कि हम गरीबों के नेता है। आखिर अब वे सब कहां है। इससे पहले मैं दिल्ली में ठेला लगाकर कमाता था। वहां पर सब बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनते थे। जब से यहां मरीन ड्राइव बना है तो अपने राज्य कमाने आया हूं, मगर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पानी में कई सामान डूब गए करीब 4 साल से पाव भाजी की दुकान गंगापथ पर लगा रहे भोला शर्मा ने कहा कि हमें हद से ज्यादा परेशानी हो रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। पहले नीचे भेज दिया गया फिर उम्मीद दी गई कि हमें जगह बनाकर दिया जाएगा। 45 दिन हम लोग इंतजार किए, मगर सिर्फ ढलईया करके हमें लगाने के लिए बोल दिया गया। वहां ना तो लाइट ना हीं नाले की व्यवस्था है। हम लोग फिर वहां से यहां आ गए हैं और कैसे भी गुजारा कर रहे हैं। हमारा कई सामान भी पानी में डूब गया और नुकसान हुआ है। पहले से ही हम लोग के ऊपर कर्ज का बोझ है। सरकार से हमें कोई उम्मीद नहीं है। पानी के बहाव से पत्थर-गिट्टी दुकान के पास जमा हो रहे लिट्टी चोखा दुकानदार प्रमोद साव ने कहा, जलस्तर बढ़ने से हमें काफी परेशानी हो रही है। पानी के बहाव से पत्थर गिट्टी दुकान के पास ही जमा हो जा रही है जिससे हमें पैरों में चुभ जाती है। हमने दो दिन ऊपर गंगा पथ पर लगाया गया था, मगर फिर हमें वहां से हटा दिया गया। पटना नगर निगम की ओर से कहा गया है कि अभी फिलहाल मरीन ड्राइव दुकानदारों को निगम की ओर से कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है। वह अपने सुविधा अनुसार दुकान लगा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद हमने टूरिस्ट घाट पर जाने को कहा था। निगम की ओर से ना अभी दुकानदारों को हटाया जा रहा है ना बसाया जा रहा है। क्योंकि अभी उस तरह की क्राइसिस सिचुएशन नहीं आई है। अगर हमें ऊपर से आदेश आएगा तो जिला प्रशासन के साथ मिलकर हम उचित कदम उठाएंगे। पटना में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है। राजधानी का सबसे बड़ा फूड हब अब पानी से घिर चुका है। इस दौरान जेपी गंगा पथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। 500 से ज्यादा दुकानों तक पानी पहुंच गया है। इनमें से कई दुकानदारों के सामान भी डूब गए हैं। इस कारण दुकानदार अपना ठेला लेकर दुकान लगाने की जगह तलाश रहे हैं। दुकानदारों का कहना है, पानी नहीं था तो 2 रुपए कमा लेते थे, लेकिन अब तो बोहनी पर भी आफत है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें उनसे कोई उम्मीद नहीं है। बीजेपी वाले बोलते थे कि हम गरीबों के नेता है, लेकिन अब वे कहां हैं। दिल्ली में ठेला लगाता था तो बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनता था। यहां आया हूं तब भी स्थिति अच्छी नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है।…पढ़िए जलस्तर बढ़ने से दुकानदारों को क्या-क्या परेशानी हो रही…. जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा चाट की दुकान लगाने वाले नंदकिशोर दास ने कहा, पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद हमें बोला गया था कि हम ऊपर जेपी गंगा पथ पर लगा सकते हैं। लेकिन जब हमलोग लगाने गए तो नगर निगम ने हमें वहां से हटा दिया। उन्होंने हमें डराते हुए कहा कि सामान टांगकर ले जाएंगे। इस डर से हम लोग यहां नीचे मजबूरी में लगा रहे हैं। पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के कचरे पूरी तरह से गीले हो गए हैं जिससे काफी बदबू आती है। मेरा यहां से सामान भी चोरी हो गया था। ताला काटकर चोरों ने मेरे दुकान से सामान चुरा लिए थे। इसके लिए मैंने थाना में कंप्लेंट भी किया था। हमें काफी परेशानी हो रही है। दुकान लगा कर बैठे रहते हैं लेकिन बोहनी नहीं होती है। सम्राट चौधरी से तो कोई उम्मीद ही नहीं है इसलिए अब उन्हें कुछ बोलना ही नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है। ठेला लगाकर खड़े रहते 3 घंटे तक का कस्टमर नहीं आते बटाटापुरी दुकानदार मुन्ना महतो ने कहा कि पानी नहीं था तो दो रुपए कमा भी लेते थे। अब पानी आने से हमें इधर-उधर ठेला लगाना पड़ रहा है और पुलिस वाले हमें भाग रहे हैं। ठेला लगाकर हम लोग खड़े रहते हैं लेकिन 3 घंटे तक एक भी कस्टमर नहीं आता है। अटल पथ के पास खाली जमीन पर बने वेंडिंग जोन में हमें ठेला लगाने बोला गया है। वहां पर कोई ढंग से लाइट की व्यवस्था नहीं है। नाले में कुत्ता मरा रहता है, मगर कोई उठाने नहीं आता। ऐसी बदबू में कौन कस्टमर आएगा। जितना पूंजी लगाते हैं उससे ज्यादा हमें नुकसान होता है। इसपर सम्राट चौधरी को ध्यान देना चाहिए। बीजेपी वाले बोलते हैं कि हम गरीबों के नेता है। आखिर अब वे सब कहां है। इससे पहले मैं दिल्ली में ठेला लगाकर कमाता था। वहां पर सब बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनते थे। जब से यहां मरीन ड्राइव बना है तो अपने राज्य कमाने आया हूं, मगर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पानी में कई सामान डूब गए करीब 4 साल से पाव भाजी की दुकान गंगापथ पर लगा रहे भोला शर्मा ने कहा कि हमें हद से ज्यादा परेशानी हो रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। पहले नीचे भेज दिया गया फिर उम्मीद दी गई कि हमें जगह बनाकर दिया जाएगा। 45 दिन हम लोग इंतजार किए, मगर सिर्फ ढलईया करके हमें लगाने के लिए बोल दिया गया। वहां ना तो लाइट ना हीं नाले की व्यवस्था है। हम लोग फिर वहां से यहां आ गए हैं और कैसे भी गुजारा कर रहे हैं। हमारा कई सामान भी पानी में डूब गया और नुकसान हुआ है। पहले से ही हम लोग के ऊपर कर्ज का बोझ है। सरकार से हमें कोई उम्मीद नहीं है। पानी के बहाव से पत्थर-गिट्टी दुकान के पास जमा हो रहे लिट्टी चोखा दुकानदार प्रमोद साव ने कहा, जलस्तर बढ़ने से हमें काफी परेशानी हो रही है। पानी के बहाव से पत्थर गिट्टी दुकान के पास ही जमा हो जा रही है जिससे हमें पैरों में चुभ जाती है। हमने दो दिन ऊपर गंगा पथ पर लगाया गया था, मगर फिर हमें वहां से हटा दिया गया। पटना नगर निगम की ओर से कहा गया है कि अभी फिलहाल मरीन ड्राइव दुकानदारों को निगम की ओर से कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है। वह अपने सुविधा अनुसार दुकान लगा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद हमने टूरिस्ट घाट पर जाने को कहा था। निगम की ओर से ना अभी दुकानदारों को हटाया जा रहा है ना बसाया जा रहा है। क्योंकि अभी उस तरह की क्राइसिस सिचुएशन नहीं आई है। अगर हमें ऊपर से आदेश आएगा तो जिला प्रशासन के साथ मिलकर हम उचित कदम उठाएंगे।  

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