खून बहने के बाद टूटी हरनौत पुलिस की नींद!:गोलीबारी के बाद शराब के अड्डों पर रेड; 7 गिरफ्तार, 500 लीटर जावा नष्ट

खून बहने के बाद टूटी हरनौत पुलिस की नींद!:गोलीबारी के बाद शराब के अड्डों पर रेड; 7 गिरफ्तार, 500 लीटर जावा नष्ट

नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र अंतर्गत माधोपुर सबनहुआ गांव में शनिवार शाम शराब के नशे में धुत अपराधियों ने खूनी खेल खेला। शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद एक बदमाश ने फायरिंग कर दी, जिसमें एक महिला समेत तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान मुकेश बिंद(30), सोहन बिंद(35) और सुनीला देवी के रूप में की गई है। सभी को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दुस्साहसिक वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इलाके में शराबबंदी कानून महज कागजों तक सीमित है। पुलिस की लापरवाही से बेखौफ धंधेबाजों के हौसले किस कदर बुलंद हैं।
दोपहर से चल रहा था शराब का दौर, शाम होते ही फायरिंग अस्पताल में इलाजरत घायल मुकेश बिंद ने बताया कि आरोपी दोपहर दो बजे से ही गांव में अवैध अड्डे पर बैठकर शराब पी रहे थे और लगातार हंगामा कर रहे थे। शाम करीब छह बजे वे अचानक हथियार लहराते हुए पहुंचे। हम लोग अपने घर के बाहर रास्ते पर सामान्य रूप से बैठे थे। हमारा उनसे कोई विवाद भी नहीं था। तभी एक बदमाश ने गाली-गलौज करते हुए अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उसने पहली गोली हवा में चलाई और दूसरी गोली सीधे हम लोगों की तरफ दाग दी। मुकेश की पत्नी मीना देवी ने रोते हुए बताया कि उनके पति मछली बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दरवाजे पर खड़े थे, तभी शराबियों की गोली का शिकार बन गए। एक गोली ने तीन को किया लहूलुहान, फिर गिड़गिड़ाने लगा हमलावर गोलीबारी की यह घटना बेहद अजीबोगरीब रही, जहां एक ही गोली से तीन जिंदगियां खतरे में पड़ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलाई गई गोली सबसे पहले रास्ते पर खड़े सोहन कुमार के पैर में लगी। इसके बाद गोली पास में मौजूद सुनीला देवी के पैर को खरोंचते हुए निकली और अंत में मुकेश बिंद के पैर में जा धंसी। गोली लगते ही तीनों लहूलुहान होकर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई। वारदात के बाद ग्रामीणों को जुटता देख आरोपी के होश उड़ गए। मीना देवी ने बताया कि आरोपी जख्मी लोगों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने लगा और कहने लगा, “मुझसे गलती से गोली चल गई है, मुझे छोड़ दो, इलाज का पूरा खर्च मैं दूंगा।” हालांकि, ग्रामीणों का गुस्सा देख वह भागने की फिराक में था, तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बड़ी घटना का इंतजार कर रही थी पुलिस? गोलीबारी के बाद टूटी नींद ग्रामीणों का आरोप है कि माधोपुर सबनहुआ और आसपास के इलाकों में अवैध देशी शराब की भट्ठियां लंबे अरसे से धड़ल्ले से चल रही थी। धंधेबाज खुलेआम शराब बनाते और बेचते थे, जिसकी पूरी भनक स्थानीय पुलिस को थी। लेकिन खाकी की रहस्यमयी चुप्पी के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता था। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में बैठी थी। जब शनिवार को शराब के नशे में खून बहा और गोलियां तड़तड़ाईं, तब जाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की गई। चार थानों की पुलिस ने की संयुक्त छापेमारी, 7 कारोबारी गिरफ्तार गोलीकांड के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर टिंकू यादव को घटना में इस्तेमाल हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया। सदर डीएसपी-2 राकेश कुमार रंजन ने बताया कि टिंकू आपराधिक प्रवृत्ति का है। वहीं, घटना से किरकिरी झेल रही पुलिस ने रविवार को शराब माफियाओं के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ा। पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में हरनौत, कल्याणबिगहा, चेरो और गोकुलपुर थानों की पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर माधोपुर सबनहुआ और बबनबिगहा के हॉट-स्पॉट इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने 7 धंधेबाजों को पकड़ा इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 75 लीटर चुलाई देसी शराब बरामद की और करीब 500 लीटर कच्चा जावा नष्ट किया। मौके से तीन महिलाओं सहित कुल सात धंधेबाजों प्रतिमा देवी, सरीता देवी, कंचन देवी, पवन कुमार, प्रितम मांझी, संजन मांझी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक नाबालिग को भी पकड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह सजगता पुलिस पहले दिखाती, तो शनिवार की शाम गांव में यह खूनी वारदात नहीं होती। नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र अंतर्गत माधोपुर सबनहुआ गांव में शनिवार शाम शराब के नशे में धुत अपराधियों ने खूनी खेल खेला। शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद एक बदमाश ने फायरिंग कर दी, जिसमें एक महिला समेत तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान मुकेश बिंद(30), सोहन बिंद(35) और सुनीला देवी के रूप में की गई है। सभी को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दुस्साहसिक वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इलाके में शराबबंदी कानून महज कागजों तक सीमित है। पुलिस की लापरवाही से बेखौफ धंधेबाजों के हौसले किस कदर बुलंद हैं।
दोपहर से चल रहा था शराब का दौर, शाम होते ही फायरिंग अस्पताल में इलाजरत घायल मुकेश बिंद ने बताया कि आरोपी दोपहर दो बजे से ही गांव में अवैध अड्डे पर बैठकर शराब पी रहे थे और लगातार हंगामा कर रहे थे। शाम करीब छह बजे वे अचानक हथियार लहराते हुए पहुंचे। हम लोग अपने घर के बाहर रास्ते पर सामान्य रूप से बैठे थे। हमारा उनसे कोई विवाद भी नहीं था। तभी एक बदमाश ने गाली-गलौज करते हुए अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उसने पहली गोली हवा में चलाई और दूसरी गोली सीधे हम लोगों की तरफ दाग दी। मुकेश की पत्नी मीना देवी ने रोते हुए बताया कि उनके पति मछली बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दरवाजे पर खड़े थे, तभी शराबियों की गोली का शिकार बन गए। एक गोली ने तीन को किया लहूलुहान, फिर गिड़गिड़ाने लगा हमलावर गोलीबारी की यह घटना बेहद अजीबोगरीब रही, जहां एक ही गोली से तीन जिंदगियां खतरे में पड़ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलाई गई गोली सबसे पहले रास्ते पर खड़े सोहन कुमार के पैर में लगी। इसके बाद गोली पास में मौजूद सुनीला देवी के पैर को खरोंचते हुए निकली और अंत में मुकेश बिंद के पैर में जा धंसी। गोली लगते ही तीनों लहूलुहान होकर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई। वारदात के बाद ग्रामीणों को जुटता देख आरोपी के होश उड़ गए। मीना देवी ने बताया कि आरोपी जख्मी लोगों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने लगा और कहने लगा, “मुझसे गलती से गोली चल गई है, मुझे छोड़ दो, इलाज का पूरा खर्च मैं दूंगा।” हालांकि, ग्रामीणों का गुस्सा देख वह भागने की फिराक में था, तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बड़ी घटना का इंतजार कर रही थी पुलिस? गोलीबारी के बाद टूटी नींद ग्रामीणों का आरोप है कि माधोपुर सबनहुआ और आसपास के इलाकों में अवैध देशी शराब की भट्ठियां लंबे अरसे से धड़ल्ले से चल रही थी। धंधेबाज खुलेआम शराब बनाते और बेचते थे, जिसकी पूरी भनक स्थानीय पुलिस को थी। लेकिन खाकी की रहस्यमयी चुप्पी के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता था। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में बैठी थी। जब शनिवार को शराब के नशे में खून बहा और गोलियां तड़तड़ाईं, तब जाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की गई। चार थानों की पुलिस ने की संयुक्त छापेमारी, 7 कारोबारी गिरफ्तार गोलीकांड के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर टिंकू यादव को घटना में इस्तेमाल हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया। सदर डीएसपी-2 राकेश कुमार रंजन ने बताया कि टिंकू आपराधिक प्रवृत्ति का है। वहीं, घटना से किरकिरी झेल रही पुलिस ने रविवार को शराब माफियाओं के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ा। पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में हरनौत, कल्याणबिगहा, चेरो और गोकुलपुर थानों की पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर माधोपुर सबनहुआ और बबनबिगहा के हॉट-स्पॉट इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने 7 धंधेबाजों को पकड़ा इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 75 लीटर चुलाई देसी शराब बरामद की और करीब 500 लीटर कच्चा जावा नष्ट किया। मौके से तीन महिलाओं सहित कुल सात धंधेबाजों प्रतिमा देवी, सरीता देवी, कंचन देवी, पवन कुमार, प्रितम मांझी, संजन मांझी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक नाबालिग को भी पकड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह सजगता पुलिस पहले दिखाती, तो शनिवार की शाम गांव में यह खूनी वारदात नहीं होती।  

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