खांसने-छींकने से फैल सकता है H. influenzae, सीडीसी से जानें कैसे बच्चों में इन गंभीर बीमारियों का बढ़ाता है खतरा

खांसने-छींकने से फैल सकता है H. influenzae, सीडीसी से जानें कैसे बच्चों में इन गंभीर बीमारियों का बढ़ाता है खतरा

H. influenzae Cause: छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी बड़ों के मुकाबले काफी कमजोर होती है। ऐसे में मौसम बदलते ही या थोड़ी सी लापरवाही के कारण वे बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। अक्सर देखा गया है कि जब बच्चे को सर्दी-जुकाम होता है, तो माता-पिता इसे साधारण वायरल बुखार मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हवा में उड़ती एक मामूली सी छींक या खांसी आपके मासूम को गंभीर रूप से बीमार बना सकती है? स्वास्थ्य रक्षा केंद्रों (CDC) के अनुसार, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा (Haemophilus influenzae) नाम का बैक्टीरिया बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। नाम में इन्फ्लुएंजा जुड़े होने के बावजूद यह कोई फ्लू वायरस नहीं है, बल्कि एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। आइए समझते हैं कि यह बैक्टीरिया शरीर में कैसे प्रवेश करता है और छोटे बच्चों को किन बड़ी बीमारियों का शिकार बना सकता है।

क्या है H. influenzae और कैसे फैलता है इसका इन्फेक्शन?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा एक तरह का बैक्टीरिया होता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर इंसानों के नाक और गले में बिना कोई नुकसान पहुंचाए भी मौजूद रह सकता है। समस्या तब शुरू होती है जब यह शरीर के उन नाजुक हिस्सों में पहुंच जाता है जहां जर्म्स नहीं होने चाहिए जैसे कि खून, फेफड़े या दिमाग की नसें। यह बैक्टीरिया बेहद आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, खांसने और छींकने से।

बच्चों में किन-किन गंभीर बीमारियों का बढ़ता है खतरा?

हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा बैक्टीरिया शरीर के अलग-अलग अंगों पर हमला करके कई तरह की हल्की से लेकर बेहद गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है;

  • दिमागी बुखार (Meningitis)।
  • निमोनिया (Pneumonia)।
  • गले में खतरनाक सूजन (Epiglottitis)।
  • कान और साइनस का इन्फेक्शन।
  • ब्लड इन्फेक्शन (Septicemia) और जोड़ों की सूजन।

कौन-से बच्चों को होता है सबसे ज्यादा खतरा?

CDC के मुताबिक, 5 साल से कम उम्र के बच्चों में इस बैक्टीरिया का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा जिन बच्चों की इम्युनिटी किसी बीमारी के कारण कमजोर होती है, जैसे सिकिल सेल बीमारी या जिनका तिल्ली (Spleen) ठीक से काम नहीं करता, उनमें इन्फेक्शन के गंभीर होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।

माता-पिता कैसे करें बच्चों का बचाव?

इस गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बच्चों को बचाने का सबसे पक्का और असरदार तरीका है टीकाकरण (Vaccination)। H. influenzae का ‘टाइप बी’ (Hib) strain सबसे ज्यादा जानलेवा होता है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार शिशु को 2 महीने, 4 महीने, 6 महीने और 12-15 महीने की उम्र में इसकी डोज (Hib Vaccine) जरूर दिलवाएं। बच्चे के हाथ साबुन-पानी से बार-बार धुलवाएं। अगर घर में किसी बड़े या छोटे को सर्दी-जुकाम, खांसी या बुखार हो, तो उसे छोटे बच्चों के सीधे संपर्क में न आने दें। अगर बच्चे को तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो, वह लगातार रो रहा हो या गर्दन न मोड़ पा रहा हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं।

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