खरगोन सूत मिल के 500 कर्मचारियों ने बकाया भुगतान मांगा:25 करोड़ के कर्ज में डूबी मिल, कर्मचारी-अंशधारी पहुंचे कलेक्ट्रेट

खरगोन सूत मिल के 500 कर्मचारियों ने बकाया भुगतान मांगा:25 करोड़ के कर्ज में डूबी मिल, कर्मचारी-अंशधारी पहुंचे कलेक्ट्रेट

खरगोन में जवाहरलाल नेहरू सहकारी सूत मिल के 500 से ज्यादा कर्मचारियों और अंशधारी सदस्यों ने गुरुवार को बकाया भुगतान के लिए रैली निकाली। कर्मचारियों ने मिल के अध्यक्ष, संचालक मंडल और सीईओ पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मिल चलाने में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए। कर्मचारी दोपहर में श्रीराम धर्मशाला से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रेच्युटी और दूसरे बकाया भुगतान की मांग रखी। कर्मचारियों ने सूत मिल प्रबंधन और प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर पीएस अगासिया को मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपा। सूत मिल का पैसा शुगर मिल में भेजने का आरोप कर्मचारी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि संचालक मंडल और सीईओ ने सूत मिल का पैसा शुगर मिल में ट्रांसफर किया। इससे वित्तीय गड़बड़ी हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संचालकों के नाम पर गन्ना हार्वेस्टर मशीन खरीदी गई, जिससे मिल को घाटा हुआ। कर्मचारियों के मुताबिक, इस मामले की जांच रिपोर्ट भी सामने नहीं लाई जा रही है। रैली में कर्मचारी संघ अध्यक्ष राजेश पाटीदार, महासचिव विकास पटेल, अजय रघुवंशी, मुकेश रघुवंशी, मदन यादव समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे। 25 करोड़ रुपए का कर्ज, नीलामी की प्रक्रिया जारी नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के जरिए सूत मिल की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मिल पर करीब 25 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। करीब 40 साल से काम कर रहे कर्मचारियों और अंशधारी सदस्यों को डर है कि नीलामी के बाद उनका बकाया पैसा डूब सकता है।

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