खरगोन जिले के भगवानपुरा में शुक्रवार को 500 से ज्यादा आदिवासियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में रैली निकाली। हाथों में तिरंगा लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने ‘हामू आखा एक छे’ के नारे लगाए। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को 8 सूत्री मांग पत्र सौंपकर SIR प्रक्रिया रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। दिल्ली में चल रहे आंदोलन को समर्थन जाग्रत आदिवासी दलित संगठन ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन को समर्थन दिया। संगठन ने आशंका जताई कि SIR प्रक्रिया के कारण आदिवासी इलाकों में पलायन बढ़ सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आदिवासियों को अपनी ही जमीन पर नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट देने का संवैधानिक अधिकार कोई नहीं छीन सकता। पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग आठ सूत्री मांग पत्र में SIR से पहले की पुरानी मतदाता सूची बहाल करने, उसे अपडेट कर पंचायतों में लगाने और SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए नाम दोबारा जोड़ने की मांग शामिल है। इसके अलावा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में किए गए बदलावों को खारिज करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान सुभाष निगोले, जगदीश सोलंकी, शिवराम कनासे, मदन बामनिया और शोभाराम खोड़े सहित समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

