खगड़िया में बाढ़ का पानी गांवों में घुसा:चारों नदियां खतरे के निशान से ऊपर, गंगा 12 घंटे में 13 सेमी बढ़ी

खगड़िया में बाढ़ का पानी गांवों में घुसा:चारों नदियां खतरे के निशान से ऊपर, गंगा 12 घंटे में 13 सेमी बढ़ी

खगड़िया जिले में बाढ़ का संकट गहरा गया है। गंगा, कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक सहित चारों प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बुधवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 घंटे में सभी नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें गंगा का जलस्तर सर्वाधिक 13 सेंटीमीटर बढ़ा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण खगड़िया, मानसी, गोगरी और परबत्ता प्रखंड के निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा का पानी खेतों और खलिहानों को डुबोते हुए अब कई गांवों में प्रवेश कर गया है। कई स्थानों पर आना-जाना भी बाधित परबत्ता प्रखंड की माधवपुर पंचायत, कबेला पंचायत के जागृति टोला, भरतखंड के बुद्धनगर एवं विकासनगर, दरियापुर भेलवा के वार्ड नंबर-6 और तेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में बाढ़ का पानी घुस गया है। निचले इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर आवागमन भी बाधित हुआ है। नदियों के जलस्तर की बात करें तो बागमती 36.40 मीटर पर बह रही है, जो इसके खतरे के निशान 35.63 मीटर से 77 सेंटीमीटर अधिक है। पिछले 12 घंटे में बागमती के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। खतरे के निशान 34.07 मीटर से 88 सेंटीमीटर ऊपर गंगा नदी कोसी नदी का जलस्तर 34.76 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 33.85 मीटर से 91 सेंटीमीटर ऊपर है। इसमें 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। बूढ़ी गंडक 37 मीटर पर बह रही है, जो इसके खतरे के निशान 36.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर अधिक है। इसके जलस्तर में भी 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। गंगा नदी 34.95 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 34.07 मीटर से 88 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में सर्वाधिक 13 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। 11 जगहों पर निशुल्क नावों का परिचालन बाढ़ के कारण आवागमन बाधित न हो, इसके लिए जिले में 11 महत्वपूर्ण स्थानों पर निशुल्क नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रभारी आपदा पदाधिकारी कौशिकी कश्यप ने बताया कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों के खेतों पर पड़ा है। खगड़िया, मानसी, गोगरी और परबत्ता प्रखंड के कई गांवों में सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण सुबोध कुमार का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खेतों में लगी फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा। बाढ़ का असर पशुधन पर भी पड़ने लगा है। निचले इलाकों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारा जुटाने में लोगों को परेशानी हो रही है। वही तेमथा करारी वार्ड नं 5 की महिला विमला देवी ने बताया कि मेरे घर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है कमर भर पानी काफी दिक्कते हो रही दूसरे के छत में पानी टांग का किसी गुजारा कर रहे हैं खगड़िया जिले में बाढ़ का संकट गहरा गया है। गंगा, कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक सहित चारों प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बुधवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 घंटे में सभी नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें गंगा का जलस्तर सर्वाधिक 13 सेंटीमीटर बढ़ा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण खगड़िया, मानसी, गोगरी और परबत्ता प्रखंड के निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा का पानी खेतों और खलिहानों को डुबोते हुए अब कई गांवों में प्रवेश कर गया है। कई स्थानों पर आना-जाना भी बाधित परबत्ता प्रखंड की माधवपुर पंचायत, कबेला पंचायत के जागृति टोला, भरतखंड के बुद्धनगर एवं विकासनगर, दरियापुर भेलवा के वार्ड नंबर-6 और तेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में बाढ़ का पानी घुस गया है। निचले इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर आवागमन भी बाधित हुआ है। नदियों के जलस्तर की बात करें तो बागमती 36.40 मीटर पर बह रही है, जो इसके खतरे के निशान 35.63 मीटर से 77 सेंटीमीटर अधिक है। पिछले 12 घंटे में बागमती के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। खतरे के निशान 34.07 मीटर से 88 सेंटीमीटर ऊपर गंगा नदी कोसी नदी का जलस्तर 34.76 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 33.85 मीटर से 91 सेंटीमीटर ऊपर है। इसमें 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। बूढ़ी गंडक 37 मीटर पर बह रही है, जो इसके खतरे के निशान 36.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर अधिक है। इसके जलस्तर में भी 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। गंगा नदी 34.95 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 34.07 मीटर से 88 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में सर्वाधिक 13 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। 11 जगहों पर निशुल्क नावों का परिचालन बाढ़ के कारण आवागमन बाधित न हो, इसके लिए जिले में 11 महत्वपूर्ण स्थानों पर निशुल्क नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रभारी आपदा पदाधिकारी कौशिकी कश्यप ने बताया कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों के खेतों पर पड़ा है। खगड़िया, मानसी, गोगरी और परबत्ता प्रखंड के कई गांवों में सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण सुबोध कुमार का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खेतों में लगी फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा। बाढ़ का असर पशुधन पर भी पड़ने लगा है। निचले इलाकों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारा जुटाने में लोगों को परेशानी हो रही है। वही तेमथा करारी वार्ड नं 5 की महिला विमला देवी ने बताया कि मेरे घर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है कमर भर पानी काफी दिक्कते हो रही दूसरे के छत में पानी टांग का किसी गुजारा कर रहे हैं  

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