कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना गुरुवार शाम की है। मृतका की पहचान 20 वर्षीय गुंजा देवी के रूप में हुई है, जो विवेक यादव की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन पर मायके नहीं जाने दिए जाने से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार, गुंजा देवी की शादी इसी साल मार्च में हुई थी। उनके पति विवेक यादव दिल्ली में काम करते हैं। गुंजा अपने ससुराल में अपनी विधवा सास के साथ रहती थीं। गुरुवार दोपहर गुंजा से मिलने उनके मायके से चाचा और बहन आए थे। गुंजा रक्षाबंधन के लिए अपने चाचा के साथ मायके जाना चाहती थीं। हालांकि, मायके से आए चाचा व बहन ने उन्हें रक्षाबंधन पर मायके न आने की सलाह दी। मायके वालों द्वारा साथ न ले जाने से गुंजा नाराज हो गईं और गुस्से में अपने कमरे में चली गईं। इसके बाद उनके चाचा और बहन अपने गांव बुढ़ियाबाद लौट गए, जबकि उनकी सास खेत में घास लाने चली गईं। देर शाम जब सास खेतों से वापस लौटीं, तो उन्होंने गुंजा को आवाज लगाई। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकलीं, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर गुंजा फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना मरकच्चो पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मरकच्चो पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इधर, पुलिस ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष को सूचना दे दी गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही चल पाएगा। कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना गुरुवार शाम की है। मृतका की पहचान 20 वर्षीय गुंजा देवी के रूप में हुई है, जो विवेक यादव की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन पर मायके नहीं जाने दिए जाने से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार, गुंजा देवी की शादी इसी साल मार्च में हुई थी। उनके पति विवेक यादव दिल्ली में काम करते हैं। गुंजा अपने ससुराल में अपनी विधवा सास के साथ रहती थीं। गुरुवार दोपहर गुंजा से मिलने उनके मायके से चाचा और बहन आए थे। गुंजा रक्षाबंधन के लिए अपने चाचा के साथ मायके जाना चाहती थीं। हालांकि, मायके से आए चाचा व बहन ने उन्हें रक्षाबंधन पर मायके न आने की सलाह दी। मायके वालों द्वारा साथ न ले जाने से गुंजा नाराज हो गईं और गुस्से में अपने कमरे में चली गईं। इसके बाद उनके चाचा और बहन अपने गांव बुढ़ियाबाद लौट गए, जबकि उनकी सास खेत में घास लाने चली गईं। देर शाम जब सास खेतों से वापस लौटीं, तो उन्होंने गुंजा को आवाज लगाई। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकलीं, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर गुंजा फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना मरकच्चो पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मरकच्चो पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इधर, पुलिस ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष को सूचना दे दी गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही चल पाएगा।

